Saran Encounter: बिहार के सारण में कुख्यात अपराधी का एनकाउंटर, पुलिस ने शिकारी राय के पैर में गोली मारी…

सारण जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के विशुनपुर गांव में सोमवार को एसटीएफ और सारण पुलिस की संयुक्त टीम और कुख्यात अपराधी के बीच मुठभेड़ हो गई।

झड़प में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान अख्तियारपुर, गड़खा निवासी कुख्यात बदमाश नंदकिशोर राय उर्फ शिकारी राय के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया। शिकारी राय हत्या, लूट, रंगदारी व आर्म्स एक्ट के कई मामलों में वांछित रहा है।

गड़खा से हुई गिरफ्तारी, हथियार बरामदगी के लिए लाया गया था विशुनपुर

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गड़खा थाना क्षेत्र के अख्तियारपुर गांव का निवासी शिकारी राय लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय था।

उस पर निर्भीक होकर वारदात करने और गिरोह संचालित करने के आरोप लगते रहे हैं।

एसटीएफ की इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने उसे गड़खा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने हथियार छिपाने की बात स्वीकार की, जिसके बाद टीम उसे बरामदगी के लिए मुफस्सिल थाना क्षेत्र के विशुनपुर गांव स्थित एक बगीचे में लेकर पहुंची।

छिपाया हथियार निकालते ही पुलिस पर कर दिया फायर

बरामदगी स्थल पर पहुंचने के बाद जैसे ही पुलिस ने उससे हथियार निकलवाने को कहा, शिकारी राय ने अचानक झाड़ी के भीतर छिपाई गई पिस्तौल निकाल ली और बिना चेतावनी दिए पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

गोलियां चलने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए रणनीतिक तरीके से जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस की गोली अपराधी के पैर में लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा।

जवाबी कार्रवाई में पकड़ा गया, भेजा गया अस्पताल

घायल शिकारी राय को पुलिस ने कब्जे में ले लिया। उसे प्राथमिक उपचार के लिए सदर अस्पताल भेजा गया, जहां सुरक्षा घेरे में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उसकी हालत खतरे से बाहर है।

एएसपी राम पुकार सिंह ने कहा कि अपराधी ने हथियार बरामदगी के नाम पर पुलिस पर फायर कर जान लेने की कोशिश की, जिससे साफ है कि वह किसी भी हद तक जा सकता था। हमारी टीम ने संयम और दक्षता के साथ कार्रवाई की, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

हत्या, लूट, रंगदारी सहित कई मामले हैं दर्ज

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शिकारी राय पर जिले के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बचता रहा था और कई वारदातों में उसकी संलिप्तता पाई गई है।

पुलिस लाइन के पास आजाद सिंह की हत्या में शामिल था शिकारी राय

पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुख्यात अपराधी नंदकिशोर राय उर्फ शिकारी राय पुलिस लाइन के पास हुए चर्चित आजाद सिंह हत्याकांड में भी शामिल था।

मामला 30 नवंबर का है, जब दिनदहाड़े पुलिस लाइन के सामने गैंगवार के तहत आजाद सिंह को दौड़ाकर गोली मार दी गई थी। हत्या को अंजाम देने वाले गिरोह में शिकारी राय की सक्रिय भूमिका बताई जा रही है।

घटना के दौरान आजाद सिंह जान बचाने के लिए नजदीक के एक घर में घुसने की कोशिश कर रहा था, तभी अपराधियों ने उसे निशाना बनाकर गोलियों से छलनी कर दिया।

आजाद सिंह सारण जिले के दरियापुर थाना क्षेत्र के बिसही गांव का निवासी था और कटिहार की जूट मिल में गार्ड के रूप में कार्यरत था। पुलिस के अनुसार, वह मौके पर हत्या जैसे वारदातों को अंजाम देने के लिए विभिन्न जिलों में पहुंचता था और काम पूरा होते ही चुपचाप निकल जाता था।

बताया जाता है कि उक्त दिन भी वह छपरा में किसी वारदात को अंजाम देने के उद्देश्य से आया था, लेकिन विरोधी गिरोह ने उसे पहले ही टारगेट कर खत्म कर दिया।

शिकारी राय पर हत्या और गैंगवार संबंधी कई मामले दर्ज हैं। मुठभेड़ के दौरान एएसआई सुमन कुमार के घायल होने की भी पुष्टि हुई है।

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