दिल्ली के बाद अब मुंबई भी घातक वायु प्रदूषण की चपेट में आ गई है। शहर में हवा इतना जहरीली हो चुकी है कि लोगों को सामान्य रूप से सांस लेने में भी परेशानी होने लगी है।
प्रदूषण का स्तर खतरनाक सीमा को पार कर चुका है, जिससे खासकर बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा तथा हृदय रोगियों पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
मुंबई के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) तेजी से गिरते हुए खराब से गंभीर श्रेणी तक पहुंच गया है। लगातार बढ़ रहे प्रदूषण से स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण के कारण आंखों में जलन, गले में खराश, सिरदर्द और सांस फूलने की शिकायतें बढ़ी हैं।
वायु प्रदूषण की खतरनाक स्थिति को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने शहर में ग्रैप-4 (GRAP-4) लागू कर दिया है। यह प्रदूषण नियंत्रण का सबसे सख्त चरण है, जिसके तहत कई गतिविधियों पर रोक लगा दी जाती है। GRAP-4 लागू होने के बाद निर्माण कार्य, सड़कों पर धूल फैलाने वाली गतिविधियों और भारी वाहनों की आवाजाही जैसे कई कामों पर प्रतिबंध लगाया जाता है।
BMC अधिकारियों के अनुसार, यह कदम इसलिए जरूरी हुआ क्योंकि हालात तेजी से बिगड़ रहे थे और प्रदूषण स्तर पर त्वरित नियंत्रण करना आवश्यक था। शहरवासियों से भी मास्क पहनने, बाहर कम निकलने और अनावश्यक वाहन उपयोग से बचने की अपील की गई है।
मुंबई में बढ़ता यह वायु संकट एक बार फिर चेतावनी देता है कि बड़े शहरों में पर्यावरण प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण के लिए कड़े और लंबे समय के उपायों की सख्त जरूरत है।