ईरान पर बमबारी न होती तो… गाजा पीस डील को लेकर ट्रंप का दावा…

अमेरिका का राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों वैश्विक राजनीति में छाए हुए हैं। गाजा में पिछले दो वर्षों से जारी युद्ध को शांत करवाकर इजरायल पहुंचे ट्रंप का इजरायल वासियों ने जोर-शोर के साथ स्वागत किया।

इजरायली संसद में अपनी बात रखते हुए ट्रंप ने गाजा शांति प्रस्ताव को ईरान के परमाणु ठिकानों पर बरसाए गए बम से जोड़ा। उन्होंने कहा कि अगर हमने ईरान पर बमबारी नहीं की होती, तो यह समझौता नहीं होता।

नेसेट में इजरायली सांसदों की उपस्थिति में ट्रंप ने कहा, “अगर ईरान के पास आज परमाणु हथियार होते, तो अरब और मुस्लिम देश इस समझौते पर हस्ताक्षर करने में सहज महसूस नहीं करते। उन्होंने गाजा पीस डील को क्षेत्रीय कूटनीति का एक अहम मोड़ बताते हुए इसे अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए बड़ी जीत बताया।

उन्होंने कहा, “इस आयोजन का महत्व यह है कि पूरी दुनिया, खासकर इजराइल के दुश्मन, इसे संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल की संयुक्त जीत का जश्न मानते हैं।”

इसके साथ ही ट्रंप ने अरब और इस्लामी देशों के पर्दे के पीछे से दिए गए समर्थन के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “हमें ऐसे लोगों से बहुत मदद मिली हैं, जिनके बारे में आपने कभी सोचा भी नहीं होगा। यह इतिहास का बहुत ही असाधारण समय है।”

बराक ओबामा पर साधा निशाना

डोनाल्ड ट्रंप ने यहां भी अपने पूर्ववर्ती बराक ओबामा पर निशाना साधते हुए उनके द्वारा ईरान के साथ किए गए परमाणु समझौते को एक विनाशकारी समझौता बताया।

उन्होंने इस समझौते को अमेरिकियों और उनके सहयोगियों से ज्यादा तेहरान के हित में बताया। ट्रंप ने कहा, “सच कहूँ तो, उन्होंने कई अन्य अच्छे देशों, खासकर इजराइल की बजाय ईरान को चुना।” उन्होंने इसे “एक बहुत ही बुरे दौर की शुरुआत” बताया।

उन्होंने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान 2015 के समझौते से हटने के अपने फैसले पर प्रकाश डाला और कहा, “वैसे, मैंने ईरान परमाणु समझौते को समाप्त कर दिया था, और मुझे ऐसा करने पर बहुत गर्व था।”

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