सनातन धर्म में रोजाना पूजा-पाठ करने का विशेष महत्व है। माना जाता है कि भगवान के लिए हर दिन थोड़ा समय निकालकर उनका ध्यान करने से ना सिर्फ दिन अच्छा गुजरता बल्कि मन भी खुश रहता है।
कई लोग रोजाना मंदिर जाकर भगवान की पूजा-अर्चना करते हैं। तो वहीं कुछ लोग घर के मंदिर में ही पूजा करते हैं। पूजा घर को लेकर कई तरह के नियम हैं जिसका पालन करना जरूरी होता है।
मंदिर में मूर्ति कैसी होनी चाहिए? कौन सा सामान कहां होना चाहिए? किस सामान को पूजा घर से दूर रखना चाहिए? ऐसे ही कई सवाल हैं जिसे लेकर लोग काफी कन्फ्यूज रहते हैं।
अब इन सवालों का खुद वृंदावन के महान संत प्रेमानंद महाराज ने जवाब दे दिया है।
भूलकर भी ना रखें ये चीजें
कई बार पूजा घर में ऐसी चीजें रख दी जाती हैं, जिसका प्रभाव ना तो घर पर अच्छा पड़ता है और ना ही इसमें रहने वालों के ऊपर। प्रेमानंद महाराज का कहना है कि कुछ चीजों को घर में रखने से पूजा का प्रभाव तो कम होता ही है, साथ ही नेगेटिविटी भी खूब बढ़ती है।
उनके अनुसार मंदिर में कभी भी खंडित मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। अगर कोई पोस्टर या फिर फटी हुई तस्वीर भी है तो ये घर की एनर्जी को खराब करते हैं। ऐसी चीजों को पूजा घर से तुरंत हटा देना चाहिए।
उनके अनुसार मंदिर में अपने पितरों की तस्वीर नहीं रखनी चाहिए। वहीं कोई भी धार्मिक किताब या फिर आरती चालिसा संग्रह इत्यादि बहुत पुरानी या फिर फट गई हो तो इसे भी वहां की बाकी चीजों से अलग कर देना चाहिए।
हटा दें ऐसे फूल
प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा है कि भगवान को चढ़ाए जाने वाले फूलों को समय-समय पर हटा देना चाहिए। मंदिर में कभी भी मुरझाए हुए फूल ज्यादा देर नहीं रखने चाहिए।
इससे घर का वास्तु बिगड़ता है। इसके अलावा उनका कहना है कि मंदिर में कभी भी किसी जीवित गुरु या संत की तस्वीर भी लगाना गलत है।
प्रेमानंद महाराज का कहना है कि मंदिर सबसे पवित्र जगह है, ऐसे में यहां पर रखी हुई चीजों की एनर्जी खराब नहीं होनी चाहिए। ऐसे में कुछ चीजों को मंदिर में होना सही नहीं है।