ग्रीस में श्रमिकों के काम के घंटे बढ़ाने के विवादास्पद प्रस्ताव को लेकर व्यापक आंदोलन छिड़ गया है।
बुधवार को हजारों ग्रीक मजदूरों ने 24 घंटे की हड़ताल बुलाई, जिससे राजधानी एथेंस और दूसरे सबसे बड़े शहर थेसालोनिकी में भारी व्यवधान पैदा हो गया।
यह हड़ताल रूढ़िवादी सरकार की 13 घंटे के कार्यदिवस लागू करने की योजना के खिलाफ थी।
हड़ताल के असर से सार्वजनिक परिवहन, ट्रेनें और फेरी सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं। इसमें शिक्षक, अस्पताल स्टाफ और सरकारी कर्मचारी भी शामिल हुए।
पुलिस के अनुसार, एथेंस और थेसालोनिकी में प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोताकिस की सरकार द्वारा सुझाए गए सुधारों के विरुद्ध 8000 से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरे।
अन्य बड़े शहरों में भी विरोध मार्च की रिपोर्ट्स आई हैं। राजधानी में हेयरड्रेसर्स यूनियन के सदस्य नोटिस स्कोरास ने एएफपी को बताया कि इस कानून से श्रमिकों का निजी जीवन पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
निजी क्षेत्र की प्रमुख यूनियन जीएसईई ने सार्वजनिक क्षेत्र की यूनियन एडीईडीवाई के साथ मिलकर हड़ताल का आयोजन किया।
जीएसईई ने चेतावनी दी कि यह सुधार मजदूरों के स्वास्थ्य व सुरक्षा को जोखिम में डालेंगे और काम व निजी जीवन के बीच संतुलन बिगाड़ देंगे।
कम्युनिस्ट समर्थित यूनियन PAME ने सरकार पर ‘आधुनिक गुलामी’ थोपने का आरोप लगाया, जिसमें अमानवीय काम के घंटे और घटिया वेतन मजबूरन स्वीकार कराना शामिल है।
निर्माण मजदूर संघ के सदस्य पनागियोटिस गाकास ने कहा कि यह कानून कोई सुधार नहीं लाएगा, बल्कि कार्यस्थलों पर दुर्घटनाएं बढ़ेंगी, क्योंकि ओवरटाइम के दौरान थके हुए कर्मचारी अधिक खतरे में होते हैं।
गौरतलब है कि यह विधेयक अभी संसद में पेश नहीं हुआ है। श्रम मंत्री निकी केरामेस ने स्पष्ट किया कि यह ‘असाधारण’ प्रावधान है, जिसे सामान्य नहीं बनाया जाएगा।
उन्होंने मेगा टीवी को बताया कि यह सालाना अधिकतम 37 दिनों तक लागू होगा, केवल कर्मचारी की सहमति से और 40 प्रतिशत अतिरिक्त वेतन के साथ।
यूरोस्टेट के आंकड़ों के मुताबिक, यूनानी औसतन साप्ताहिक 39.8 घंटे काम करते हैं, जो यूरोपीय संघ के औसत 35.8 घंटे से कहीं ज्यादा है। पर्यटन क्षेत्र में वेटर और शेफ व्यस्त सीजन में लंबे घंटे झेलते हैं, कभी-कभी साप्ताहिक छुट्टी के बिना।
ग्रीस में कानूनी कार्यदिवस 8 घंटे का है, जिसमें ओवरटाइम की सुविधा भत्ते सहित उपलब्ध है। देश ने पहले ही 6 दिवसीय कार्य सप्ताह को वैध बना दिया है।