Dussehra Muhurat: विजयादशमी पर सर्वसिद्धि योग, अबूझ मुहूर्त; आज बिना पंचांग देखे करें सभी शुभ कार्य…

प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131

आश्विन शुक्ल पक्ष दशमी तिथि को विजयदशमी का अति प्रसिद्ध एवं पावन पर्व मनाया जाता है।

शास्त्रों के अनुसार यह तिथि अपने आप में सर्व सिद्ध तिथि के रूप में जानी जाती है।

इस दिन कोई भी शुभ कार्य करने से उसका परिणाम शुभ एवं सकारात्मक ही प्राप्त होता है। इस दिन रावण के वध के लिए भगवान राम ने तो शस्त्र पूजन किया था, साथ ही अर्जुन ने भी इसी दिन शस्त्र पूजन किया था।

इसलिए इस दिन शस्त्र पूजन, शमी पूजन करने का विधान।

जानें कौन से बन रहे हैं योग, इस दिन क्या शुभ कार्य किए जा सकते हैं

इस दिन रवि योग भी व्याप्त रहेगा। इस दिन गुरु पूर्णा सिद्धि योग दिन में 2:56 बजे तक व्याप्त रहेगा। इस प्रकार विजया दशमी के दिन रवि योग, गुरु पूर्णा सिद्धि योग का होना निश्चित तौर पर इस दिन की महत्ता को बढ़ाने वाला है।

सुकर्मा योग तथा सौम्य योग व्याप्त रहेगा। सुबह 6:18 बजे तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र तथा उसके बाद श्रवण नक्षत्र लग जाएगा। इस तरह यह तिथि अपने आप में और महत्त्वपूर्ण एवं सर्व सिद्ध तिथि हो जाती है।

इस दिन शुभ कार्यों में विशेष रूप से अपराजिता पूजा किया जाता है। शस्त्र पूजा किया जाता है। इस दिन व्यापार का आरंभ किया जा सकता है।

इसके साथ ही इस दिन विद्या और वाहन पूजा भी होती है। नौ दिनों के कलश का विसर्जन भी आज के दिन किया जाता है।

इसके अलावा आप कोई निवेश करना चाहते हैं, तो नौकरी-बिजनेस में पैसों का लेन-देन या नया निवेश करने के लिए भी दिन शुभ है।

नृत्य कला वाद्य कला का आरंभ किया जा सकता है। शास्त्र धारण किया जा सकता है। वाहन क्रय किया जा सकता है। इसके साथ-साथ अनेकों प्रकार की बहु विद कार्य शुभ कार्य किया जा सकते हैं।

02 अक्टूबर 2025 गुरुवार विजयादशमी दशहरा मुहूर्त
दशमी- 01-10-2025 को शाम 07:01 को प्रारंभ। दशमी- 02-10-2025 को शाम 07:10 को समाप्त।
श्रवण नक्षत्र – 02-10-2025 को सुबह 09:13 तक
श्रवण नक्षत्र समाप्त- 03-10-2025 को सुबह 09:34 तक
शुभ कार्यों को करने के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त: प्रात: 06:15 से 07:43 तक
शुभ कार्यों को करने के लिए अभिजीत मुहूर्त: दिन में 11:46 से 12:34 तक
शस्त्र पूजा मुहूर्त: दिन में 11:46 से 12:34 तक
वाहन खरीदी मुहूर्त: सुबह 10:41 से दोपहर 01:39 के बीच
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:06 से 06:30 तक
रावण दहन मुहूर्त: प्रदोष काल में शाम 7 बजे तक

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