छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ जंगलों में सुरक्षा बलों और प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के बीच भीषण मुठभेड़ हुई।
पुलिस ने दावा किया कि इस ऑपरेशन में केंद्रीय समिति के दो शीर्ष कमांडर कट्टा रामचंद्र रेड्डी उर्फ राजू दादा और कदारी सत्यनारायण रेड्डी उर्फ कोसा दादामारे गए। हालांकि अब माओवादी संगठन ने इस घटना को फेक एनकाउंटर बताया है।
दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता विकल्प ने आरोप लगाया कि पुलिस ने दोनों नेताओं को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर उनकी हत्या कर दी और इसे एनकाउंटर बताकर पेश किया गया है।
इससे पहले पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई सोमवार सुबह विशेष खुफिया सूचना मिलने पर शुरू की गई थी। सुरक्षा बलों की टीमों—DRG, ITBP, BSF और जिला पुलिस ने इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया।
इसी दौरान दोनों पक्षों में गोलीबारी हुई, जिसमें ये वरिष्ठ माओवादी कमांडर ढेर हो गए। मौके से एक AK-47 राइफल और अन्य हथियार बरामद किए गए।
पुलिस रिकॉर्ड्स के अनुसार, राजू दादा पिछले तीन दशकों से संगठन की गतिविधियों में सक्रिय थे और उनपर कई बड़े हमलों का आरोप था; वहीं कोसा दादा चार राज्यों में 62 मामलों में आरोपी थे।
वहीं फर्जी एनकाउंटर के आरोपों पर बस्तर रेंज IG पी सुंदरराज का बयान भी सामने आय़ा है। उन्होंमे कहा कि ऐसे एनकाउंटर्स के बाद प्रेस नोट जारी करना माओवादियों की सामान्य प्रक्रिया है।
साथ ही उन्होंने संगठन द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके पास ठोस पसबूत हैं और क्षेत्रीय नेटवर्किंग और कानूनी सहायता जैसे कार्यों से जुड़े ये नेता लंबे समय से अंडरग्राउंड थे।
फिलहाल सुरक्षा बल इलाके की घेराबंदी कर आगे जांच और तलाशी अभियान चला रहे हैं। जबकि दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर कायम हैं। घटना संबंधी कुछ विवरण सीमित स्रोत सामग्री तक ही उपलब्ध हैं।