कभी इलाहाबाद और आज प्रयागराज की सबसे पुरानी कर्नलगंज बारवारी दुर्गा पूजा सोसाइटी अपने 173वें वर्ष के दशहरा महोत्सव को शिवमय बनाने की तैयारियों में जुटी हुई है।
भारद्वाज कॉरिडोर के मेन गेट के बगल में स्थित पार्क में शिवलिंग जैसा पंडाल बनाने के लिए कोलकाता से 15 कारीगर 19 अगस्त को पहुंचे थे।
शिवलिंग की आकार के पंडाल की ऊंचाई 40 फीट और लंबाई 90 फीट और चौड़ाई 60 फीट है। पंडाल 24 सितंबर तक बनकर तैयार हो जाएगा।
सोसाइटी के अध्यक्ष शंकर चटर्जी, सचिव देवराज चटर्जी, कोषाध्यक्ष प्रमोद चंद्रा और सहायक सचिव रुम्पी ने तीन महीने पहले बैठक करके सर्वसम्मति से इस वर्ष का पूजा पंडाल शिवलिंग की थीम पर बनाने का निर्णय लिया था।
पंडाल के भीतर मां दुर्गा की 9 फीट की प्रतिमा सहित रंग-बिरंगे और आकर्षक साजसज्जा वाला 12 फीट का बैकग्राउंड रहेगा। वहां माता सरस्वती, भगवान गणेश, मां लक्ष्मी और भगवान कार्तिकेय होंगे। देवी-देवताओं के आभूषण और अस्त्र-शस्त्र कोलकाता से मंगवाए गए हैं।
षष्ठी तिथि पर मां का पूजन और प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित होगा। जिसके बाद महिषासुर मर्दिनी, चंडी पाठ और गायन का समारोह होगा।
षष्ठी से दशमी तिथि को सिंदूर उत्सव तक के दौरान ऑडियो के जरिए लगातार शिव स्तुति की जाएगी। पंडाल में बारह ज्योतिर्लिंग की तस्वीरें भी लगाई जाएंगी।
अध्यक्ष शंकर चटर्जी ने बताया कि महोत्सव भगवान शिव को समर्पित किया गया है। सप्तमी को कोलकाता के कलाकारों की नृत्य प्रस्तुति होगी। नवमी को सोसाइटी से जुड़े परिवार के लोग अलादीन नृत्य नाटिका की प्रस्तुति करेंगे।