‘खामोश नहीं रहेगा अमेरिका’, पाकिस्तानी अधिकारियों पर बैन की तैयारी, पाक आर्मी भी रडार पर…

अमेरिकी संसद में एक द्विदलीय विधेयक पेश किया गया है, जो पाकिस्तान में मानव अधिकारों के उल्लंघन और लोकतंत्र को कमजोर करने वाले पाकिस्तानी अधिकारियों पर कड़े प्रतिबंध लगाने का प्रावधान करता है।

इसमें विशेष रूप से पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाए जाने का जिक्र है। इस विधेयक को ‘पाकिस्तान स्वतंत्रता और जवाबदेही अधिनियम’ (H.R. 5271) के नाम से जाना जा रहा है।

यह ग्लोबल मैग्निट्स्की मानव अधिकार जवाबदेही अधिनियम के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को कार्रवाई की शक्ति प्रदान करता है।

क्या है ग्लोबल मैग्निट्स्की?

ग्लोबल मैग्निट्स्की एक अमेरिकी कानून है जिसे 2016 में पारित किया गया था, जो मानवाधिकारों के हनन और भ्रष्टाचार में शामिल विदेशी व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाता है, जैसे संपत्ति फ्रीज करना और यात्रा प्रतिबंध लगाना।

यह कानून मानवाधिकारों के उल्लंघन या बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को टारगेट करता है ताकि उन्हें जवाबदेह ठहराया जा सके और वैश्विक स्तर पर ऐसे अपराधों को रोकने में मदद मिल सके।

पाकिस्तानी अधिकरियों के खिलाफ विधेयक लाने वालों में शामिल अमेरिका की सत्ताधारी पार्टी रिपब्लिकन के सांसद बिल ह्यूजेंगा ने कहा, “हम खामोश नहीं बैठेंगे।

अमेरिका पाकिस्तान की सरकार, सैन्य या सुरक्षा बलों में वर्तमान या पूर्व व्यक्तियों द्वारा किए गए स्पष्ट मानव अधिकार उल्लंघनों को नजरअंदाज नहीं करेगा।

यह कदम पाकिस्तान में हालिया राजनीतिक अस्थिरता और मानव अधिकारों की स्थिति को लेकर अमेरिकी चिंताओं को दर्शाता है।

यहां दिलचस्प बात ये है कि पिछले दिनों अमेरिका और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में काफी गर्मजोशी देखी गई है लेकिन इसके बावजूद इस तरह का विधेयक पाकिस्तान में बढ़ते मानवाधिकार उल्लंघनों को दर्शाता है।

विधेयक का उद्देश्य समझिए

यह विधेयक मिशिगन से रिपब्लिकन विधायक बिल ह्यूजेंगा द्वारा पेश किया गया, जो हाउस सबकमिटी ऑन साउथ एंड सेंट्रल एशिया के अध्यक्ष भी हैं।

इसे कैलिफोर्निया से डेमोक्रेट नेता सिडनी कमलागर-डोव, जॉन मूलेनार (रिपब्लिकन), जूली जॉनसन (डेमोक्रेट), जेफरसन श्रेव (रिपब्लिकन) समेत कई अन्य सांसदों का समर्थन प्राप्त है।

अतिरिक्त सह-प्रायोजकों में रिच मैककॉर्मिक, जैक बर्गमैन, जोक्विन कास्त्रो और माइक लॉलेर शामिल हैं। ये सभी ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन के सांसद हैं।

विधेयक को हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी और जुडिशियरी कमेटी के पास समीक्षा के लिए भेजा गया है।

यह विधेयक जून 2024 में पारित हाउस रिजोल्यूशन 901 (H.Res. 901) पर आधारित है, जिसमें पाकिस्तान में लोकतंत्र, मुक्त और निष्पक्ष चुनावों की रक्षा, तथा मानव अधिकारों, कानून के शासन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए अमेरिकी प्रशासन से पाकिस्तानी सरकार के साथ सहयोग करने का आह्वान किया गया था।

इसका मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान सरकार, सैन्य या सुरक्षा बलों के वर्तमान या पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाना है, जो मानव अधिकारों के गंभीर उल्लंघन या भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाते हैं।

इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति को प्रतिबंध लगाने की शक्ति दी गई है, जो वीजा प्रतिबंध, संपत्ति जब्ती और अन्य आर्थिक प्रतिबंधों को शामिल कर सकती है।

पाकिस्तानी सेना और अधिकारियों पर फोकस

खास तौर पर, यह विधेयक पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को निशाने पर लेता है, जिन पर राजनीतिक हस्तक्षेप, विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी और मीडिया पर दबाव डालने के आरोप लगे हैं।

हालिया घटनाओं में, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी और पाकिस्तान में राजनीतिक दमन की घटनाओं ने इस विधेयक को बल प्रदान किया है।

विधेयक पाकिस्तान में मुक्त और निष्पक्ष चुनावों का समर्थन करने तथा लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत करने पर जोर देता है।

पाकिस्तान-अमेरिकन पब्लिक अफेयर्स कमेटी (पूर्व अध्यक्ष असद मलिक) और फर्स्ट पाकिस्तान ग्लोबल (डॉ. मलिक उस्मान) ने विधेयक का स्वागत किया है।

असद मलिक ने कहा कि यह पाकिस्तानी जनता की आवाज को मजबूत करेगा। यूएस सांसद बिल ह्यूजेंगा ने कहा कि “यह द्विदलीय उपाय पाकिस्तान की जनता की रक्षा के लिए है, जो बुरे लोगों के खिलाफ खड़ा है।

हम लोकतंत्र और मानव अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।” सीनेटर सिडनी कमलागर-डोव ने कहा, “पाकिस्तान में हो रही घटनाएं अस्वीकार्य हैं। यह विधेयक उन लोगों को जवाबदेह ठहराएगा जो लोकतंत्र को कुचल रहे हैं।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *