शाहजहांपुर के मिर्जापु थाना क्षेत्र के गांव दोषपुर नगर में शुक्रवार की शाम करीब चार बजे उस समय सनसनी फैल गई, जब हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काटने के दौरान जेल से छूटकर आए युवक अपनी ही लाइसेंसी राइफल से खुद को गोली मार ली।
उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए।
ग्रामीणों ने बताया कि 48 वर्षीय ओमकार पुत्र छेदा बीते मार्च माह में हत्या के एक मामले में जेल से छूटकर आया था। शुक्रवार शाम करीब चार बजे उसने अचानक कमरे में जाकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।
इसके बाद अपनी लाइसेंसी राइफल से सिर में गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर परिवार के लोग दौड़े लेकिन जब तक दरवाजा तोड़ा गया, तब तक ओमकार की मौत हो चुकी थी।
परिजनों ने बताया कि राइफल ओमकार के कमरे में ही रहती थी। घटना से कुछ देर पहले उसने पत्नी से राइफल में डालने के लिए तेल मांगा था। इसके बाद मौका मिलते ही उसने यह कदम उठा लिया।
घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजनों की मानें तो जेल से लौटने के बाद से ही वह मानसिक तनाव में रहने लगा था।
फॉरेंसिक टीम ने मामले में जुटाए साक्ष्य
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। वहीं फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य इकट्ठे किए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
2014 के मर्डर केस में आजीवन हुई थी सजा
ओमवीर 2014 में कोटेदार श्यामवीर सिंह की हत्या का आरोपी था। उस समय कोटेदार की हत्या के बाद बंदूक भी छीन ली गई थी, जो बाद में बरामद हुई थी। मामले में पांच नामजद हुए थे।
फर्रुखाबाद के देवेंद्र यादव दोषमुक्त हो गए थे, जबकि चार को आजीवन कारावास मिला था।
मिर्जापुर, थानेदार, सोनी शुक्ला ने बताया कि ओमकार के बेटे शिवम ने वारदात की सूचना दी थी।
इसके बाद पुलिस पहुंची और जांच-पड़ताल की। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है।
सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पंचनामा भरकर शव को पोस्टामार्टम के लिए भिजवाया गया है। अग्रेतर कार्रवाई जारी है।