उत्तर प्रदेश में सरकारी धन के दुरुपयोग को लेकर योगी सरकार ऐक्शन मोड में है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने सिद्धार्थनगर में तैनात रहे अधिशासी अभियंता राकेश कुमार सिंह के खिलाफ वित्तीय नियमों से छेड़छाड़ के मामले में कड़ी कार्रवाई का आदेश जारी किया है।
शासन ने विभागाध्यक्ष को 15.67 करोड़ के शासकीय धन के दुरुपयोग के आरोप में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
आरोप है कि 13 अप्रैल 2017 से पांच फरवरी 2024 तक कार्यकाल के दौरान राकेश कुमार सिंह ने अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं किया और परियोजना स्वीकृति में निर्धारित प्रावधानों की अवहेलना करते हुए शासकीय धन का दुरुपयोग किया।
उन्होंने बजट की अन्य मद संख्या 2711 (अनुरक्षण एवं मरम्मत) और 2245 (दैवीय आपदा) में व्यय कर 1567.33 लाख रुपये यानी करीब 15.67 करोड़ रुपये की देनदारी परियोजनाओं पर सृजित कर दी।
वित्तीय प्रावधानों के विपरीत इस कार्रवाई को शासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। शासन के संयुक्त सचिव सिद्धा शरण पाण्डेय ने प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा है कि तत्काल एफआईआर दर्ज कर शासन को अवगत कराया जाए।
वहीं यह आदेश जारी होने के बाद विभाग ने एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि जल्द ही अधिशासी अभियंता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।
इसके साथ ही वित्तीय अनियमितता के मामले में उनके खिलाफ गहराई से जांच और आगे की कार्रवाई भी शुरू हो जाएगी। वित्तीय नियमों के उल्लंघन को लेकर शासन के इस सख्त रुख से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
लोगों के बीच इस आदेश की चर्चा कर रहे हैं। संबंधित लोग इस पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों का कहना है कि मामले की जांच आगे बढ़ने पर कुछ और तथ्य सामने आ सकते हैं।