भाजपा ने 20 करोड़ में खरीदा सांसद, TMC ने किया खुलासा – कौन कर सकता है क्रॉस वोटिंग…

उपराष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन की जीत पर विपक्ष ने सवाल उठा दिए हैं।

भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव ने बुधवार को दावा किया कि भाजपा ने वोट खरीदने के लिए प्रति सांसद 15 से 20 करोड़ रुपये खर्च किए।

लोकसभा में टीएमसी संसदीय दल का नेतृत्व करने वाले अभिषेक ने भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए धनबल का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेता मंगलवार को हुए चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने के लिए ‘पैसों की बोरियां लेकर आए थे।’

अभिषेक ने विपक्षी खेमे में विश्वासघात की ओर इशारा करते हुए आरोप लगाया, ‘चूंकि, गुप्त मतदान था, इसलिए यह कहना मुश्किल है कि क्या ‘क्रॉस वोटिंग’ हुई या विपक्षी सदस्यों के वोट खारिज कर दिए गए। अगर मैं ‘क्रॉस वोटिंग’ को स्वीकार भी कर लूं, तो आम आदमी पार्टी (आप) जैसी कुछ पार्टियां हैं, जिसकी एक महिला सांसद खुलेआम भाजपा का समर्थन करती है और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बोलती हैं। ऐसे दो-चार सांसद हैं।’

उन्होंने पिछले कुछ मामलों से तुलना करते हुए भाजपा पर बार-बार धन का दुरुपयोग कर पलड़ा अपने पक्ष में झुकाने का आरोप लगाया।

अभिषेक ने कहा, ‘2021 के बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा ने राज्य में बड़े पैमाने पर नकदी लाने की कोशिश की और असफल रहे।

2024 में उन्होंने मतदान कर्मियों को खरीदने की कोशिश की, कुछ को 5,000 रुपये और अन्य को 10,000 रुपये का भुगतान किया।

लेकिन बंगाल के लोगों ने उन्हें दिखा दिया कि नेताओं को खरीदा जा सकता है, लोगों को नहीं। यही कहानी उन्होंने महाराष्ट्र और झारखंड में भी दोहराई, जहां विधायकों की खरीद-फरोख्त के बाद सरकारें गिर गईं।’

भाजपा ने तृणमूल नेता के आरोपों को ‘बेबुनियाद’ बताते हुए खारिज कर दिया। पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजे विपक्षी एकता की कमी को दर्शाते हैं।

भट्टाचार्य ने कहा, ‘मैं उनकी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देकर उन्हें तवज्जों नहीं देना चाहता। लेकिन इस उपराष्ट्रपति चुनाव ने स्पष्ट रूप से दिखा दिया है कि राजग एकजुट है, जबकि विपक्ष बंटा हुआ है।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *