धनबाद में ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह का खुलासा, 3 महिलाओं समेत 10 गिरफ्तार; शादी का झांसा देकर ऐसे करते थे ठगी

धनबाद। शादी का रिश्ता तय हुआ, 40 हजार रुपये खाते में ट्रांसफर कराए गए और इसके बाद बाकायदा सिंदूरदान की रस्म भी करा दी गई। लेकिन इसके बाद जो घटनाक्रम सामने आया, उसने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया। धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में पुलिस ने कथित लुटेरी दुल्हन गिरोह का खुलासा करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन महिलाएं शामिल हैं।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 मोबाइल फोन के अलावा साड़ी, लहंगा, जींस पैंट, अंगवस्त्र, चूड़ी और शादी से जुड़ी अन्य सामग्री बरामद की है।

राजस्थान से रिश्ता लेकर धनबाद पहुंचा था परिवार

मामले की शिकायत राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले एक परिवार ने की थी। परिवार अपने बेटे गुल्लू की शादी के लिए बरवाअड्डा पहुंचा था। पुलिस के अनुसार, लड़की पक्ष की ओर से एक महिला पिछले कुछ दिनों से परिवार के संपर्क में थी और शादी को लेकर बातचीत चल रही थी।

रिश्ता तय होने के बाद लड़का पक्ष सोमवार को बरवाअड्डा पहुंचा। आरोप है कि शादी तय कराने के एवज में लड़की पक्ष ने उनसे 40 हजार रुपये खाते में ट्रांसफर करवाए।

सिंदूरदान के बाद बढ़ा शक

शिकायत के मुताबिक, पैसे लेने के बाद एक स्थान पर शादी की रस्म के तौर पर सिंदूरदान भी कराया गया। इसके बाद लड़की पक्ष के लोग दूल्हे और उसके परिजनों को अपने साथ टुंडी रोड स्थित एक दुकान पर ले गए।

वहां शादी के लिए कपड़े और अन्य सामान की खरीदारी कराई गई। इसी दौरान पूरे घटनाक्रम को लेकर परिवार को संदेह हुआ और मामला पुलिस तक पहुंचा।

धनबाद और गिरिडीह से जुड़े आरोपी

जांच के दौरान बरवाअड्डा पुलिस ने कथित गिरोह से जुड़े 10 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में धनबाद के बरवाअड्डा और गिरिडीह क्षेत्र के लोग शामिल हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय दास, राजेश कुमार, मंतोष साहू, सुमन विश्वकर्मा, नीलम देवी, पूजा कुमारी, चंदन शर्मा, मकड़ी देवी, विशु कुमार यादव और राजेंद्र प्रसाद वर्मा के रूप में हुई है।

मोबाइल से लेकर शादी के सामान तक बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से 13 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके साथ ही साड़ी, लहंगा, जींस पैंट, अंगवस्त्र, चूड़ी समेत शादी से जुड़ी अन्य सामग्री भी जब्त की गई है।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि कथित गिरोह ने इससे पहले इसी तरह कितने लोगों को निशाना बनाया और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

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