रायपुर के मैग्नेटो मॉल में पार्किंग को लेकर हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामला केवल कहासुनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे छत्तीसगढ़ियों के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है। आरोप है कि मिरर न्यूज से जुड़ी बताई जा रही सोमा देवांगन और उसके साथी रॉकी रोहन ने एक शिक्षक परिवार के साथ अभद्र व्यवहार किया और कथित तौर पर “गंवार” व “देहाती” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर उनका अपमान किया।
घटना के दौरान गाली-गलौज और डराने-धमकाने के आरोप भी सामने आए हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि विवाद इतना बढ़ गया कि रॉकी रोहन ने कथित तौर पर हॉकी स्टिक निकालकर धमकाने की कोशिश की।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच सवाल उठने लगे हैं कि छत्तीसगढ़ में रहकर स्थानीय लोगों का अपमान करना आखिर किस मानसिकता को दर्शाता है। बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार केवल मॉल घूमने आया था, लेकिन पार्किंग विवाद ने बड़ा रूप ले लिया।
मामले के बाद सोमा देवांगन पर पुलिस और प्रशासन को लेकर भी पूर्व में अभद्र टिप्पणियां करने के आरोप चर्चा में हैं। वहीं, विवाद पर प्रतिक्रिया लेने पहुंची मीडिया से बचते हुए उनके मौके से निकलने की बात भी सामने आई है। दूसरी ओर, थाने में रॉकी रोहन के हंसते हुए वीडियो ने लोगों की नाराजगी और बढ़ा दी।
पीड़ित पक्ष की महिला ने आरोप लगाया कि रॉकी रोहन नशे में था और मेडिकल टेस्ट कराने से इनकार कर रहा था। वहीं, दूसरे पक्ष के युवक ने मेडिकल जांच के लिए सहमति दी और खुद के नशे में नहीं होने का दावा किया।
पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के खिलाफ अलग-अलग अपराध दर्ज किए गए हैं। 11 मई 2026 को सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, हालांकि मामला जमानती होने के कारण उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। वहीं, रोहन नरवाल को प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के तहत कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया।
घटना के बाद लोगों के बीच यह बहस तेज हो गई है कि क्या किसी आम परिवार को “देहाती” कहकर अपमानित करना स्वीकार्य है और क्या पत्रकारिता की आड़ में डराने-धमकाने जैसी घटनाएं सही ठहराई जा सकती हैं। मैग्नेटो मॉल का यह विवाद अब सामाजिक सम्मान और व्यवहार को लेकर बड़ी चर्चा का विषय बन गया है।