चक्रवात दितवाह के बाद भारत बना श्रीलंका का संबल, 7,176 मरीजों को मिली राहत…

 चक्रवात दितवाह से तबाह श्रीलंका में हजारों लोग अब भी बेघर हैं और राहत शिविरों में जीवन गुजार रहे हैं।

इसी मुश्किल वक्त में भारत की ओर से तैनात अस्थायी चिकित्सालय ने सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में लगातार चिकित्सा सहायता देकर अपना मानवीय मिशन पूरा किया है।

राहत अभियान के सफल समापन के बाद अस्थायी चिकित्सालय का संचालन बंद कर दिया गया और भारतीय सेना की टीम स्वदेश लौट आयी है।

ऑपरेशन सागर बंधु के तहत तैनात अस्थायी चिकित्सालय में रोजाना एक हजार – 1200 मरीजों का इलाज किया गया। यहां गंभीर रूप से घायलों का उपचार, शल्य चिकित्सा और आपात चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं।

इतने मरीजों को मिली मेडिकल हेल्प

तैनाती की अवधि में कुल 7,176 मरीजों को चिकित्सा सहायता मिली। भारतीय सेना की टीम ने चिकित्सा सहायता के साथ-साथ चक्रवात के कारण बाधित संचार सेवाओं को बहाल करने में भी मदद की, जिससे राहत कार्यों में तेजी आई।

भारत ने 28 नवंबर को शुरू किए गए आपरेशन सागर बंधु के जरिए श्रीलंका के साथ आपदा की इस घड़ी में खड़े रहने और क्षेत्रीय मानवीय सहयोग को मजबूत करने का संदेश दिया है।

चक्रवात दितवाह से तबाही के बाद श्रीलंका को विश्व बैंक की 12 करोड़ डालर की आपात मदद

चक्रवात ‘दितवाह’ से हुई व्यापक तबाही के बाद श्रीलंका को राहत और पुनर्बहाली के लिए विश्व बैंक ने 12 करोड़ अमेरिकी डालर की आपात सहायता देने की घोषणा की है।

विश्व बैंक के अनुसार, श्रीलंकाई सरकार के अनुरोध पर यह राशि मौजूदा परियोजनाओं से पुनर्विनियोजित की जा रही है।

इस सहायता का उपयोग सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं, जलापूर्ति, शिक्षा, कृषि तथा संपर्क से जुड़े बुनियादी ढांचे की बहाली में किया जाएगा।

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