छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों के अनुरूप खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान उपार्जन प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुगम एवं किसान-हितैषी बनाने के प्रयासों का प्रत्यक्ष लाभ सरगुजा जिले के कृषकों को प्राप्त हो रहा है।
लखनपुर विकासखंड अंतर्गत निमहा धान उपार्जन केंद्र में किसानों ने खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता, सुव्यवस्थित प्रबंधन और उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की है।
ग्राम पंचायत निमहा के किसान दलपत साय ने बताया कि उनके पास 7 एकड़ कृषि भूमि है, जिसके आधार पर इस वर्ष 112 क्विंटल धान विक्रय की पात्रता है। वे 30 क्विंटल धान लेकर केंद्र पहुंचे।
उन्होंने कहा कि टोकन कटवाने की प्रक्रिया इस वर्ष सरल और सहज रही। केंद्र पहुँचने पर नमी परीक्षण, गुणवत्ता परीक्षण तथा अन्य आवश्यक प्रक्रियाएँ तुरंत पूरी कर ली गईं। साथ ही बारदाना उपलब्धता तथा तौल की समग्र प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई।
किसान दलपत साय ने आगे बताया कि प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान उपार्जन तथा 3100 रूपए प्रति क्विंटल मूल्य मिलने से कृषकों की आय में वृद्धि हुई है, आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिली है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष केंद्रों में संपूर्ण व्यवस्थाएँ पहले की तुलना में अधिक सुव्यवस्थित हैं। टोकन वितरण, बारदाना उपलब्धता, तौल प्रक्रिया और भुगतान के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है।
जिला प्रशासन द्वारा निरंतर निगरानी और व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे किसानों को बिना किसी परेशानी के सुविधा-जनक वातावरण में धान विक्रय करने में सहायता मिल रही है।