छत्तीसगढ़; धमतरी: वार्ता 24 न्यूज की ख़बर का हुआ बड़ा असर…. कथित नेताजी की मनमानियों पर प्रशासन ने लगाई लगाम…

सैयद जावेद हुसैन (सह संपादक – छत्तीसगढ़):

धमतरी- वार्ता 24 न्यूज की एक और ख़बर का बड़ा असर हुआ है।

मालूम हो कि गत 30 नवंबर को हम नेताजी बोल रहे हैं शीर्षक से एक स्थानीय जनप्रतिनिधि के रिश्तेदार द्वारा ठेकेदारों से अवैध वसूली का मामला हमारे द्वारा प्रमुखता से उठाया गया था, जिसे संज्ञान लेते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज़िला पंचायत धमतरी द्वारा ज़िलेभर के लिए एक आदेश जारी किया गया है।

जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, ज़िला पंचायत की महिला पदाधिकारी के भाई, बहन, पति, माता, पिता या किसी भी रिश्तेदार के द्वारा उनके कार्य में हस्तक्षेप करना पूर्ण प्रतिबंधित है।

यदि इस तरह के मामले पुनः सामने आए तो महिला प्रतिनिधि के विरुद्ध छत्तीसगढ़ पंचायतीराज अधिनियम 1993 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। 

बता दें कि पूर्व में भी महिला पदाधिकारियों के रिश्तेदारों के द्वारा शासकीय कार्यों में हस्तक्षेप करने को लेकर आदेश जारी किया गया था, जिसका असर इन पदाधिकारियों के रिश्तेदारों पर होना बंद हो गया था।

लेकिन अब फिर वार्ता 24 न्यूज की ख़बर को प्रशासन ने संज्ञान लेकर सख़्त आदेश जारी किया है। 

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अब उन कथित नेताओं पर लगाम…

वैसे तो यह मामला शहर भर में चर्चित हुआ, अधिकतर ने इन कथित स्वयंभू नेताओं को पहचान भी लिया, अब प्रशासनिक लगाम ने उनके हौसले बुरी तरह से तोड़ दिए हैं। 

इससे उम्मीद जताई जा रही है कि अब इनके द्वारा अपने रिश्तेदारों के पदों की धौंस जमा कर अवैध वसूली थम सकेगी, वहीं कार्यों में आसानी भी आएगी।

नेताजी की नेतागिरी पर लगा अंकुश…

हमारे ख़बर लगाने के बाद से ही कथित नेताजी उन तमाम ठेकेदारों को परेशान करना बंद कर दिए हैं।

जिस पर अब वो ठेकेदार राहत की सांस लेकर अपने कार्यों में जुट गए हैं। वहीं कुछ विभाग के अधिकारी भी अब राहत की सांस ले रहे हैं जिन्हें उन नेताजी द्वारा राजनीतिक दबाओ में कार्यवाही करने मजबूर किया जाता था। 

अधिकांश जगहों में महिला पदाधिकारियों के रिश्तेदार बने बैठे थे नेताजी…

आपको बता दें कि जिलेभर की बहुत सी ऐसी ग्राम पंचायतें, जनपद पंचायत, ज़िला पंचायत की महिला पदाधिकारियों के रिश्तेदार उनके पद का दुरुपयोग अपने निजी स्वार्थ के लिए करते रहे हैं, जिससे बहुत हद तक शासकीय कार्यों की खराब गुणवत्ता और कमीशन के मामले सामने आते रहे हैं लेकिन अब प्रशासनिक आदेश जारी होने के बाद से कुछ हद तक ऐसे तत्वों पर लगाम कसेगी।

आदेश कॉपी…

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