“सड़क दुर्घटना पीड़ितों के इलाज से जुड़े करीब 20% अनुरोध हुए खारिज, गडकरी ने लिखित उत्तर में दी जानकारी”…

 सरकार ने गुरुवार को बताया कि सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के कैशलेस उपचार की योजना के तहत किए गए कुल 6,833 अनुरोधों में से अब तक सिर्फ 5,480 पीड़ित ही पात्र पाए गए हैं, बाकी 1,353 मामले (लगभग 20 प्रतिशत) पुलिस ने खारिज कर दिए हैं।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि मोटर वाहन दुर्घटना कोष के तहत कुल 73,88,848 रुपये की धनराशि दी गई है।

सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के कैशलेस उपचार की योजना, 2025 के तहत हर दुर्घटना के मामले में पीड़ित का 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार किया जाएगा।

इस वर्ष हवाई अड्डों पर सुरक्षा जांच के दौरान चोरी की नौ घटनाएं हुईं

सरकार ने कहा किइस साल 27 नवंबर तक बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली सहित छह हवाई अड्डों पर सुरक्षा जांच के दौरान चोरी की नौ घटनाएं दर्ज की गई हैं।

नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एक लिखित उत्तर में कहा कि चोरी की घटनाएं कानून-व्यवस्था का मुद्दा हैं, जो राज्य का विषय है।

जब भी ऐसी घटनाएं संज्ञान में आती हैं, स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज की जाती है, जो आगे की कार्रवाई करती है।

मंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, बेंगलुरु हवाई अड्डे पर चोरी की चार घटनाएं और हैदराबाद, दिल्ली, मुंबई, नागपुर और राजकोट हवाई अड्डों पर चोरी की एक-एक घटना दर्ज की गई है।

केंद्र ने आरडीएसएस के तहत 37 हजार करोड़ रुपये जारी किए

केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने एक लिखित उत्तर में कहा कि सरकार ने पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के लिए लगभग 37 हजार करोड़ रुपये जारी किए हैं, जो इस योजना के लिए बजट में स्वीकृत राशि का 38 प्रतिशत है।

योजना के अंतर्गत धनराशि जारी करना वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) द्वारा निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने तथा धनराशि जारी करने के दिशा-निर्देशों के अनुसार अन्य आवश्यकताओं को बिना किसी विलम्ब के पूरा करने पर निर्भर है।

केंद्र ने वित्तीय रूप से टिकाऊ और परिचालन रूप से कुशल वितरण क्षेत्र के माध्यम से उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में सुधार लाने के उद्देश्य से आरडीएसएस शुरू किया था।

मानसून के अलावा सतलुज और ब्यास नदी का पानी पाकिस्तान नहीं जाता

जल शक्ति मंत्रालय ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि मानसून के अलावा सतलुज और ब्यास नदियों का पानी पाकिस्तान नहीं जाता है। जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने कहा कि इस तरह का पानी केवल असाधारण परिस्थितियों में ही छोड़ा जाता है, मुख्यत: जब बांधों का जल स्तर काफी बढ़ जाता है, जिससे बांध की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पानी छोड़ना आवश्यक हो जाता है।

चौधरी ने कहा कि मानसून के मौसम को छोड़कर सतलुज और ब्यास नदियों का कोई भी पानी पाकिस्तान नहीं जाता है, अर्थात बाढ़ के दौरान जब इन नदियों के जलग्रहण क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा होती है।

डीडीए पर 17,000 करोड़ रुपये की देनदारियां

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की देनदारियां इस साल मार्च तक लगभग 17,000 करोड़ रुपये थीं। एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि डीडीए ने मंत्रालय को सूचित किया है कि सभी देनदारियों का समय पर भुगतान किया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि भूमि-स्वामित्व वाली एजेंसी में कोई कुप्रबंधन या प्रशासनिक अक्षमता नहीं देखी गई है। उनके द्वारा साझा की गई तालिका के अनुसार, 31 मार्च, 2025 तक डीडीए की देनदारियां 16,987.98 करोड़ रुपये थीं। एजेंसी ने नरेला में अपने आवास सूची के अद्यतन आंकड़े भी साझा किए।

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