‘मेरी जमीन पर घर नहीं बनने दिया, 20 लाख रिश्वत भी मांगी’-बेंगलुरु में टेक इंजीनियर ने सुसाइड नोट लिखकर की आत्महत्या…

 बेंगलुरु से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है।

यहां पर एक 45 साल के इंजीनियर ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक इंजीनियर ने अपने परिवार और ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी पर उत्पीड़न के माध्यम से उसे आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।

दरअसल, मृतक की पहचान 45 वर्षीय ब्रूकबोंग लेआउट निवासी मुरली गोविंदराजू के तौर पर हुई है। वह एक निजी सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करते थे।

वह दो नाबालिग लड़कियों के पिता थे। बुधवार को वह नल्लूरहल्ली स्थित अपने निर्माणाधीन आवास में मृत पाए गए थे।

पुलिस ने दो लोगों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में शशि नांबियार (64) और उनकी पत्नी उषा को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब उनके बेटे के तलाश कर रही है।

दंपती को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जहां से दंपती को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

10 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद

घटनास्थल से पुलिस को 10 पन्नों को सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें नांबियार परिवार पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है और आत्महत्या के लिए उकसाने की बात कही गई है।

नोट में पाया गया कि परिवार ने कुछ जीबीए के अधिकारियों के साथ मिलकर उसे प्रताड़ित किया और कहा कि उसने स्वीकृत योजना के अनुसार इमारत का निर्माण नहीं किया है और नियमों का उल्लंघन किया है। मामले को दबाने के लिए उससे 20 लाख रुपये की मांग की गई।

मृतक मुरली की मां लक्ष्मी गोविंदराजू ने व्वाइटफील्ड पुलिस स्टेशन में शशि और उषा के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है।

जिसमें उनपर आरोप है कि उन्होंने अपने बेटे से 20 लाख रुपये हड़पने की कोशिश की। वहीं, मना करने के पर उसे प्रताड़ित करने और आत्महत्या करने के लिए उकसाया गया।

मृतक की मां ने लिखित शिकायत में क्या कहा?

पुलिस ने पूरे मामले में शशि और उषा पर बीएनएस की धारा 108 और 308 के तहत के मामला दर्ज कर लिया है। मुरली ने साल 2018 में नांबियार में एक करीबी रिश्तेदार से ही नल्लूहल्ली में जमीन खरीदी थी। मुरली की मां ने लिखित शिकायत में कहा है कि जब मेरे बेटे ने जमीन पर घर बनाना शुरू किया, तो उषा और शशि ने उसे परेशान करना और प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।

उन्होंने उससे बार-बार 20 लाख रुपये की मांग की। जब मेरे बेटे ने इनकार कर दिया, तो उषा ने बीबीएमपी अधिकारियों से शिकायत की, जो निर्माण स्थल के पास आए और मेरे बेटे को परेशान किया।

उन्होंने अपनी शिकायत में आगे कहा कि मेरे बेटे ने मुझे बताया कि आज (बुधवार) 20 लाख रुपये का भुगतान करने की समय सीमा थी। मेरे बेटे ने मुझे बताया कि उषा और शशि उसे प्रताड़ित कर रही थीं।

इसे ध्यान में रखते हुए, वह सुबह 6 बजे के आसपास हमारे घर (ब्रुकबोंग लेआउट) से निकल गया। वह निर्माणाधीन घर पहुंचा और दूसरी मंजिल पर फांसी लगा ली।

मैं उषा नांबियार और शशि नांबियार के खिलाफ उत्पीड़न के माध्यम से मेरे बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए कानूनी कार्रवाई की मांग करती हूं। 

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