मुनीर की नियुक्ति अटकी, शहबाज शरीफ कहां लापता? पाकिस्तान में सेना और सरकार के बीच तनाव बढ़ा…

पाकिस्तान में पहली बार बनने जा रहे चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) के पद को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ देश से बाहर हैं और इस बीच सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की नई नियुक्ति का नोटिफिकेशन समय पर जारी नहीं हो सका।

इसी पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (NSAB) के सदस्य व लेखक तिलक देवाशर ने दावा किया है कि PM शरीफ जानबूझकर देश से बाहर हैं ताकि वह यह नोटिफिकेशन साइन न करें।

पाकिस्तान PM की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल

देवाशर ने ANI से बातचीत में कहा कि शहबाज शरीफ पहले बहरीन और फिर लंदन चले गए और यह यात्रा इसलिए की गई लगती है ताकि उन्हें आसिम मुनीर के लिए नोटिफिकेशन साइन न करना पड़े।

उन्होंने कहा, “वह साफ तौर पर इससे बचना चाहते हैं। शायद उन्हें लगता है कि ऐसा न करके वे आगे के परिणामों से बच जाएंगे।”

29 नवंबर को आसिम मुनीर की मूल तीन साल की आर्मी चीफ वाली अवधि खत्म हो गई, लेकिन सरकार ने CDF नियुक्ति का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। पाकिस्तान में बनाए गए 27वें संवैधानिक संशोधन के तहत CDF का पद आया है और इसे संभालने वाले आसिम मुनीर अब देश के इतिहास में सबसे शक्तिशाली सेना प्रमुख हो सकते हैं।

फौजी ढांचे में बदलाव

CDF पद बनते ही ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी का पद समाप्त हो गया है। देवाशर ने कहा कि पाकिस्तान इस समय बहुत उलझी हुई स्थिति में है।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नोटिफिकेशन न होने से आसिम मुनीर का कार्यकाल खत्म माना गया, तो पाकिस्तान बिना आर्मी चीफ और बिना न्यूक्लियर कमांड प्रमुख के रह जाएगा, जो बेहद असामान्य और खतरनाक है।

कानूनी विशेषज्ञ इस पर बंटे हुए हैं। संशोधित संविधान में आर्मी चीफ और CDF का कार्यकाल 5 साल तय है।

कुछ विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान आर्मी एक्ट 2024 में पहले ही सेवा अवधि 5 साल कर दी गई है और डीमिंग क्लॉज के मुताबिक यह संशोधन पहले से लागू माना जाएगा।

इसका मतलब यह भी हो सकता है कि मुनीर का कार्यकाल अपने-आप 3 से बढ़कर 5 साल हो जाए।

फौज में अंदरूनी राजनीति

देवाशर ने कहा कि यह व्याख्या विवादित है और अदालत भी ऐसा मान लेगी या नहीं, यह साफ नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इसी बीच सेना के भीतर अन्य जनरल भी नई चार-स्टार नियुक्तियों और आर्मी चीफ की कुर्सी के लिए सक्रिय हो गए हैं।

देवाशर ने कहा कि शहबाज शरीफ की विदेश में मौजूदगी से अस्थिरता और बढ़ रही है। उन्होंने चेताया कि यह स्थिति लंबे समय तक नहीं चल सकती। एक परमाणु देश बिना आर्मी चीफ या न्यूक्लियर कमांड के प्रमुख के नहीं चल सकता।

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