सैयद जावेद हुसैन (सह संपादक – छत्तीसगढ़):
धमतरी- इन दिनों यातायात पुलिस में पदस्थ कुछ आरक्षकों व अन्य कर्मियों के सालों से इस शाखा में जमे रहने को लेकर चर्चाएं ज़ोर पकड़ने लगीं हैं।
मालूम हो कि किसी भी शासकीय विभाग में तबादला एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है जिसका सामना हर छोटे-बड़े अधिकारी व कर्मचारी को करना पड़ता ही है। इसका एक मुख्य कारण है विभागीय कार्यों में पारदर्शिता के साथ कार्य के प्रति लगन।
वहीं बहुतों का तबादला उनकी कार्यकुशलता व कारनामों के कारण भी किया जाता है।
लेकिन धमतरी के यातायात विभाग में कुछ आरक्षकों, हवलदारों, सऊनि पर ये नियम लागू नहीं होते शायद। यहां कुछ आरक्षकों को अधिकतम 4 साल हो चुका हैं, तो 2 साल पार कर चुके आरक्षकों की फेहरिस्त भी लंबी है। यही हाल हवलदारों और कुछ सहायक उप निरीक्षकों का भी है।
विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि यातायात के कुछ अधिकारी ही इन कर्मियों को इस शाखा से अन्य जगहों में जाने नहीं देते, इसके पीछे के कारण भी चौंकाने वाले हैं।
जिनका खुलासा अलग से किया जाएगा।
वहीं कुछ यातायात कर्मियों के बीते सालों में अन्यत्र तबादले भी हुए लेकिन वे अपने स्थानांतरित स्थानों में चंद दिन ही रहकर वापस फिर यातायात की बागडोर संभालने में जुटे हुए हैं।
जिले के सबसे बड़े अधिकारी कलेक्टर व एसपी भी अधिकतम 2 सालों से बदल दिए जाते हैं, फिर आखिर क्या वजह है कि यातायात विभाग में सालों से जमे कर्मियों की बदली नहीं की जा रही? ये चर्चा अब शहर में ज़ोर पकड़ने लगी है।
बहरहाल जल्द ही बरगद की तरह जमे उन कर्मियों को बरगद क्यों बनाया जा रहा इस पर खुलासा किया जाएगा।