ताइवान को लेकर चीन और जापान के बीच खाई गहरी होती जा रही है।
बीजिंग ने सोमवार को ताइवान के करीब योनागुनी द्वीप पर मिसाइलें तैनात करने की टोक्यो की योजना को बेहद खतरनाक करार दिया।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि ताइवान क्षेत्र के करीब द्वीपों पर जापान द्वारा आक्रामक हथियारों की तैनाती क्षेत्रीय तनाव पैदा करने और सैन्य टकराव को भड़काने के लिए जानबूझकर उठाया गया कदम है।
‘जापानी पीएम की टिप्पणियां खतरनाक’
उन्होंने कहा कि हाल में जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची द्वारा ताइवान पर की गई टिप्पणियों के साथ इसे कदम को देखा जाए तो यह बेहद खतरनाक है।
माओ ने कहा, जापानी दक्षिणपंथी ताकतें सैन्यवाद के रास्ते पर बढ़ रही हैं और जापान और पूरे क्षेत्र को विनाश की ओर खींच रही हैं।
जापानी रक्षा मंत्री ने क्या कहा?
ताइवान के करीब योनागुनी के जापानी द्वीप पर एक सैन्य अड्डे का दौरा करने के बाद जापानी रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने कहा था कि यह तैनाती हमारे देश पर सशस्त्र हमले की आशंका को कम करने में मदद कर सकती है।
यह विचार सही नहीं है कि इससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ेगा। योनागुनी द्वीप ताइवान से 110 किलोमीटर दूर है।
जापान ने टाइप-03 मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से लैस एक इकाई तैनात करने की योजना बनाई है, जो विमान और बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सक्षम है।