यूक्रेन पर ट्रंप का फिर हमला, जिनेवा में बोले – ‘यूक्रेन बिल्कुल एहसानमंद नहीं’…

रूस के साथ चल रहे युद्ध को खत्म कराने के अमेरिकी प्रयास के लिए यूक्रेन अमेरिका का बिल्कुल भी एहसानमंद नहीं है।

यह स्थिति तब है जब अमेरिका उसे लगातार हथियार दे रहा है और यूरोपीय देश रूस से तेल भी खरीद रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट अपने बयान में यह बात कही है।

ट्रंप का यह बयान तब आया है जब जिनेवा में अमेरिकी शांति प्रस्ताव को लेकर अमेरिका, यूक्रेन और यूरोपीय देशों के अधिकारियों की वार्ता चल रही है।

जिनेवा में चल रही कई देशों की अहम बैठक

स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर में यूक्रेन युद्ध पर आए अमेरिकी शांति प्रस्ताव पर चर्चा के लिए अमेरिका, यूक्रेन और यूरोपीय देशों के शीर्ष अधिकारियों की बैठक हो रही है।

यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख आंद्री यरमक ने इंटरनेट मीडिया पोस्ट में बताया है कि उनकी पहली बैठक ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ हुई।

इस बैठक में युद्ध की समाप्ति के लिए संशोधित शांति योजना पर राय बनी है जिसमें यूक्रेन के हितों की रक्षा हो सके। यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल की अगली बैठक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ हो रही है जिसमें विदेश मंत्री मार्को रूबियो, विशेष दूत स्टीव विटकाफ और सैन्य सचिव डान ड्रिस्काल शामिल हैं।

जेलेंस्की बोले- बैठकों से अच्छे परिणाम की उम्मीद

यरमक ने बताया है कि अमेरिकी दल से उनकी सकारात्मक वार्ता हो रही है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि उन्हें इन बैठकों से अच्छे परिणाम की उम्मीद है। इससे पहले रूबियो ने पोलैंड के प्रधानमंत्री और दो अमेरिकी सीनेटरों के दावों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि यूक्रेन को दिया गया शांति योजना का मसौदा अमेरिका ने तैयार किया है।

अमेरिका ने युद्ध खत्म कराने के उद्देश्य से यूक्रेन को 28 बिंदुओं की शांति योजना का मसौदा दिया है। इस मसौदे में यूक्रेन के लिए युद्ध के दौरान रूस के कब्जे में गए डोनेस्क और लुहांस्क प्रांतों पर से दावा छोड़ने, सेना का आकार कम करने, नाटो में शामिल होने की इच्छा छोड़ने और युद्ध खत्म होने के बाद यूरोपीय सेना को तैनात न करने जैसी शर्तें हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिया 27 नवंबर का अल्टीमेटम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन शर्तों वाली शांति योजना को मानने के लिए यूक्रेन को 27 नवंबर तक का समय दिया है। लेकिन यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा है कि इन शर्तों को मानने से यूक्रेन जमीन के साथ अपना गौरव भी खो देगा और अगर योजना नहीं स्वीकार की तो वह अमेरिका का सहयोग खो देगा। यह यूक्रेन के लिए मुश्किल समय है। 

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