कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार एक बार फिर अपने बयानों की वजह से चर्चा में हैं। कर्नाटक में पिछले कुछ समय से कैबिनेट में बदलाव के कयास लगाए जा रहे हैं।
ऐसे में कुछ विधायकों ने खुलेआम मंत्री बनने की इच्छा भी जताई है। मगर, राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का मानना है कि “इसमें गलत क्या है?”
डीके शिवकुमार से जब इसपर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा महत्वाकांक्षी होने में क्या बुराई है? वहीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या वो राज्य की कमान संभालेंगे? इसपर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह सवाल किसी ज्योतिषी से पूछना चाहिए।
डिप्टी सीएम ने क्या कहा?
डीके शिवकुमार का कहना है, “अगर कोई विधायक महत्वाकांक्षी तो इसमें क्या बुराई है? मुख्यमंत्री के पास विधायकों को मंत्री बनाने का विकल्प होता है। जो पार्टी के लिए कड़ी मेहनत करेंगे, उन सभी की महत्वाकांक्षा होती है। क्या हम इसे गलत ठहरा सकते हैं? उन्होंने पार्टी के लिए काफी संघर्ष और त्याग किया है।”
क्यों उठ रही हैं अटकलें?
दरअसल कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कई कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ शनिवार को दिल्ली में उनकी बैठक देखने को मिली।
यही नहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से भी उनकी मुलाकात हुई। इसके बाद से ही कर्नाटक कैबिनेट में फेरबदल के कयास लगाए जा रहे हैं।
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार भी बेंगलुरु से दिल्ली आए थे। ऐसे में उनकी वापसी के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या कर्नाटक की कमान अब डीके शिवकुमार को मिलने वाली है? इसपर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा-
नेतृत्व परिवर्तन और कैबिनेट में फेरबदल पर भविष्यवाणी के लिए किसी ज्योतिषी से परामर्श ले लें।
डिप्टी CM ने बताई दिल्ली जाने की वजह
बता दें कि नवंबर में कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बने ढाई साल हो चुके हैं। आधा कार्यकाल पूरा होने के कारण भी सत्ता में फेरबदल के कयाल लग रहे हैं। कई लोगों ने इसे नवंबर क्रांति कहना शुरू कर दिया है।
हालांकि, डीके शिवकुमार ने अपने दिल्ली जाने की वजह साफ करते हुए बताया कि वो कर्नाटक में बनने वाले कांग्रेस के 100 नए दफ्तरों के शिलान्यास समारोह के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को निमंत्रण देने गए थे।
‘ज्योतिष से पूछो…’, कर्नाटक सरकार में फेरबदल के सवाल पर डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने ऐसा क्यों कहा?…
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार एक बार फिर अपने बयानों की वजह से चर्चा में हैं। कर्नाटक में पिछले कुछ समय से कैबिनेट में बदलाव के कयास लगाए जा रहे हैं।
ऐसे में कुछ विधायकों ने खुलेआम मंत्री बनने की इच्छा भी जताई है। मगर, राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का मानना है कि “इसमें गलत क्या है?”
डीके शिवकुमार से जब इसपर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा महत्वाकांक्षी होने में क्या बुराई है? वहीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या वो राज्य की कमान संभालेंगे? इसपर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह सवाल किसी ज्योतिषी से पूछना चाहिए।
डिप्टी सीएम ने क्या कहा?
डीके शिवकुमार का कहना है, “अगर कोई विधायक महत्वाकांक्षी तो इसमें क्या बुराई है? मुख्यमंत्री के पास विधायकों को मंत्री बनाने का विकल्प होता है। जो पार्टी के लिए कड़ी मेहनत करेंगे, उन सभी की महत्वाकांक्षा होती है। क्या हम इसे गलत ठहरा सकते हैं? उन्होंने पार्टी के लिए काफी संघर्ष और त्याग किया है।”
क्यों उठ रही हैं अटकलें?
दरअसल कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कई कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ शनिवार को दिल्ली में उनकी बैठक देखने को मिली।
यही नहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से भी उनकी मुलाकात हुई। इसके बाद से ही कर्नाटक कैबिनेट में फेरबदल के कयास लगाए जा रहे हैं।
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार भी बेंगलुरु से दिल्ली आए थे। ऐसे में उनकी वापसी के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या कर्नाटक की कमान अब डीके शिवकुमार को मिलने वाली है? इसपर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा-
डिप्टी CM ने बताई दिल्ली जाने की वजह
बता दें कि नवंबर में कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बने ढाई साल हो चुके हैं। आधा कार्यकाल पूरा होने के कारण भी सत्ता में फेरबदल के कयाल लग रहे हैं। कई लोगों ने इसे नवंबर क्रांति कहना शुरू कर दिया है।
हालांकि, डीके शिवकुमार ने अपने दिल्ली जाने की वजह साफ करते हुए बताया कि वो कर्नाटक में बनने वाले कांग्रेस के 100 नए दफ्तरों के शिलान्यास समारोह के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को निमंत्रण देने गए थे।