हम सभी ने अपने घरों में या आसपास किसी के शरीर को शांत होते देखा होगा। मृत्यु से जुड़ी कई बातें हम जानते हैं और किसी की मृत्यु के बाद इन्हें निभाते भी हैं-स्नान, ध्यान, पूजा-पाठ, रीति-रिवाज, अंतिम संस्कार की अनुष्ठानिक पूजा आदि।
लेकिन इन सब परंपराओं के पीछे की गहराई को समझने या जानने की हमारी कोशिश अक्सर कम होती है। हमारी यह कोशिश रहेगी कि हर अंतिम संस्कार की पोस्ट के साथ हम आपके लिए एक नई जानकारी साझा करें।
अंतिम संस्कार के बाद स्नान क्यों आवश्यक है?
आपने अक्सर देखा होगा कि जो लोग अंतिम संस्कार करके लौटते हैं, वे या तो घाट पर ही स्नान कर लेते हैं या घर आते ही बिना कुछ छुए स्नान करते हैं। ऐसा क्यों किया जाता है?
धार्मिक दृष्टि:
श्मशान घाट पर लगातार मृत शरीर का अंतिम संस्कार होता रहता है। ऐसे स्थान पर नकारात्मक ऊर्जा चारों ओर फैली रहती है।
माना जाता है कि यह नकारात्मक ऊर्जा कमजोर मनोबल वाले व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। इसलिए इस नकारात्मकता से बचने और शरीर-मन की शुद्धि के लिए स्नान जरूरी माना गया है।
वैज्ञानिक दृष्टि:
जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो उसकी देह धीरे-धीरे सड़ने लगती है। इस प्रक्रिया में हानिकारक बैक्टीरिया और सूक्ष्मजीव उत्पन्न होते हैं, जो आसपास मौजूद लोगों के शरीर पर चिपक सकते हैं। संक्रमण से बचने के लिए अंतिम संस्कार के बाद स्नान करना आवश्यक है।
आज हमारी संस्था द्वारा तीन शवों का अंतिम संस्कार कराया गया।
वर्षा वर्मा (समाज सेवी)