पाकिस्तानी सेना ने उत्तरी वजीरिस्तान में नमाज के दौरान मस्जिद पर हमला किया, दो पश्तून नागरिकों की मौत; आक्रोश फैल गया…

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में स्थित एक मस्जिद पर नमाज के दौरान पाकिस्तानी सेना द्वारा कथित तौर पर बमबारी की गई, जिसमें दो पश्तून नागरिक घायल हो गए।

पश्तून तहफुज मूवमेंट (पीटीएम) हालैंड द्वारा जारी एक बयान में यह जानकारी सामने आई है।

इस हमले से व्यापक आक्रोश फैल गया।पीटीएम हालैंड ने हमले की निंदा करते हुए इसे धार्मिक पवित्रता और मानवीय गरिमा पर सीधा हमला बताया।

समूह ने इसे दशकों से चले आ रहे उत्पीड़न का नया उदाहरण करार दिया। साथ ही आरोप लगाया कि पश्तून क्षेत्रों को बार-बार युद्ध के लिए परीक्षण स्थल में बदल दिया गया है।

क्या चेतावनी दी?

बयान में कहा गया है, ”मस्जिद, घर, स्कूल, गांव कुछ भी सुरक्षित नहीं है।” उन्होंने कहा कि सरकार यह स्पष्ट करे कि मस्जिद पर बमबारी किस कानून के तहत की गई।

संगठन ने यह भी दावा किया कि यह हमला पश्तून समुदायों के खिलाफ व्यवस्थित हिंसा के एक पैटर्न को दर्शाता है।

उन्होंने चेतावनी दी कि चल रहे सैन्यीकरण ने निवासियों को रोजाना भय और अलगाव में रहने पर मजबूर कर दिया है।

वहीं, पश्तून तहफुज मूवमेंट अमेरिका ने पश्तून क्षेत्रों में लंबे समय से हो रहे अत्याचारों की ओर वैश्विक ध्यान आकर्षित करने के लिए बड़ी कूटनीतिक पहल की घोषणा की है।

उन्होंने कहा कि टेक्सास जिरगा घोषणापत्र को औपचारिक रूप से अमेरिकी कांग्रेस, संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों को प्रस्तुत किया जाएगा।

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