दिल्ली में लाल किले पास जिस आई-20 कार में ब्लास्ट हुआ, उसकी बिक्री की चेन का पता लग गया है। गुरुग्राम के शांति नगर के रहने वाले मोहम्मद सलमान की यह कार (HR26CE7674) थी, जिसने मार्च महीने में स्पेनी कंपनी को कार बेच दी थी।
इसके बाद स्पेनी कंपनी से यह कार ओखला के रहने वाले देवेंद्र ने खरीदी थी। देवेंद्र सेकेंड हैंड कार डीलर है। उसने फरीदाबाद के ही रहने वाले सोनू उर्फ सचिन को कार बेच दी थी।
उसने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के रहने वाले तारिक को बेच दी थी। कार के कुछ दस्तावेज का इशू होने के कारण उसने पुलवामा के ही रहने वाले अपने साथी डॉक्टर उमर को कार नहीं बेच पाया लेकिन, उसे कार सौंप दी थी।
बताया गया कि एक दिन पहले फरीदाबाद में उमर के साथियों के पकड़े जाने और उनसे विस्फोटक बरामद होने पर उमर पैनिक हो गया।
वह कार में विस्फोटक लेकर दिल्ली आ गया और दोपहर करीब तीन बने लाल किला के सुनहरी मस्जिद के पास स्थित पार्किंग में कार खड़ी कर दी।
तीन घंटे बाद छह बजे उसने कार निकाली और रिंग रोड होते हुए लाल किला की तरह से दरियागंज की तरह चल दिया था, तभी लाल किला के सामने पहुंचने पर उसकी कार में ब्लास्ट हो गया।
फरीदाबाद में समय से पहले इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद होने के बाद भी दिल्ली पुलिस, एजेंसी हाई अलर्ट मोड में नहीं थी, अगर अलर्ट मोड पर होती तो शायद यह बड़ा आतंकी हमला टल गया होता।