दिल्ली ब्लास्ट: एक फोन कॉल बनी भवानी की जिंदगी की ढाल, धमाके के बाद पीछे मुड़कर देखा तो कार के उड़ चुके थे परखच्चे…

लाल किला विस्फोट में भवानी शंकर शर्मा ऐसे व्यक्ति हैं जिनकी जिंदगी इसलिए बच गई कि वह एक फोन आने पर अपनी टैक्सी से बाहर निकल कर टहलते हुए बात करते-करते दूर तक चले गए।

इसी दौरान तेज ब्लास्ट हुआ और उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो उनकी गाड़ी के भी परखच्चे उड़ गए थे, कार जलने लगी थी।

शर्मा घायल हुए हैं , मगर उनकी हालत खतरे से बाहर है। इस विस्फोट में घायल होने पर अस्पताल ले जाए जाने के दौरान उन्होंने अपने परिजनों को सूचना दी।

लोकनायक अस्पताल के बाहर इकट्ठे उनके परिजनों की जान में जान तब आई जब अंदर से वीडियो कॉल पर उनसे बात हो पाई।

उनके भाई विष्णु शर्मा ने बताया कि ओला-उबर में दोनों भाई अपनी टैक्सी चलाते हैं। उनका भाई भवानी सवारी की बुकिंग लेने के लिए लालकिला पर खड़ा था। विष्णु शर्मा ने कहा कि भाई की टैक्सी पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि ऋण लेकर टैक्सी खरीदी थी अब भाई पैया कैसे चुकाएगा और कैसे फिर से टैक्सी खरीद पाएगा। इसे लेकर वे लोग चिंतित हैं।

यही दर्द दरियागंज के शाहनवाज की पत्नी बुसरा खान का था। इस विस्फोट में शाहनवाज भी घायल हुए हैं। अपनी टैक्सी खरीदी थी और टैक्सी चलाकर अपना परिवार चला रहे थे।

लोकनायक अस्पताल के बाहर अपने पांच साल के बच्चे के साथ खड़ीं बुसरा बार बार यही कह रही थीं कि टैक्सी पूरी तरह जल गई है अब परिवार का गुजारा कैसे होगा।

लाल किले से कश्मीरी गेट तक के लिए ले रहा था सवारियां 

इसी तरह शास्त्री पार्क का आजाद आलम है जो बैटरी रिक्शा चलाकर अपना परिवार चल रहा था। लाल किले से कश्मीरी गेट तक के लिए सवारियां ले रहा था।

इसी दौरान विस्फोट हो गया। उसके बाद उसे कुछ पता नहीं, होश आया तो एंबुलेंस में था। किसी ने फोन कर उसके परिवार को सूचना दी।

रोहतास नगर के अंकुश शर्मा के परिजन भी लोकनायक स्थल के बाहर इसलिए परेशान थे कि उन्हें यह नहीं पता लग पा रहा था कि कुश की हालत कैसी है।

अंकुश गौरीशंकर मंदिर में दर्शन करने आया था। उसके रिश्तेदार विशाल शर्मा ने बताया कि वह भी अंकुश के साथ था मगर वह थोड़ा पहले निकल गया था और अंकुश मंदिर में थोड़ी देर तक रुक गया था।

वह रास्ते में ही थे कि अंकुश का फोन आया कि लाल किले के सामने ब्लास्ट हो गया है, उसे चोट लगी है। इसी तरह आया नगर के विनय कुमार पाठक का गुड़गांव में सीसीटीवी कैमरे का काम है।

वह लाल किले पर सीसीटीवी कैमरे खरीदने के मकसद से आए हुए थे और लाल किले पर पहुंचे उसी दौरान ब्लास्ट की चपेट में वह भी आ गए। उनके परिवार के लोग इसलिए चिंतित थे कि उनके बारे में कुछ पता नहीं चल पा रहा है।

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