नेपाल के पहाड़ों पर ‘सफेद मौत’ का कहर — हिमस्खलन में 3 की मौत, 4 विदेशी पर्वतारोही लापता…

पूर्वी नेपाल में एक माउंटेन बेस कैंप में हिमस्खलन की घटना हुई है जिसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और चार विदेशी पर्वतारोही लापता हो गए हैं. एक स्थानीय अधिकारी ने सोमवार, 3 नवंबर को न्यूज एजेंसी एएफपी को यह जानकारी दी.

दोलखा जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ज्ञान कुमार महतो ने कहा कि सोमवार सुबह 5,630 मीटर (18,471 फुट) ऊंची यालुंग री चोटी पर 12 लोगों का एक समूह हिमस्खलन की चपेट में आ गया.

अगर आसान भाषा में आपको हिसस्खलन का मतलब बताएं तो हिमस्खलन (avalanche) किसी पहाड़ी ढलान वाली सतह पर तेजी से बर्फ के बड़ी मात्रा में होने वाले बहाव को कहते हैं.

यह आमतौर पर किसी ऊंचे क्षेत्र में मौजूद बर्फों में अचानक अस्थिरता पैदा होने से आरम्भ होते हैं.

घटनास्थल पर स्थानीय लोगों का हवाला देते हुए पुलिस अधिकारी महतो ने कहा कि तीन मृतकों में से दो नेपाली हैं और एक विदेशी है. उन्होंने मृतकों और लापता विदेशियों की राष्ट्रीयता नहीं बताई.

वहीं मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि हिमस्खलन में सात लोगों की मौत हो गई है और मृतकों में अमेरिकी, एक इतालवी और एक कनाडाई भी शामिल हैं.

एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार महतो ने कहा कि दोलखा जिले में खराब मौसम के कारण बचाव प्रयासों में देरी हुई, लेकिन एक हेलीकॉप्टर अब आसपास के क्षेत्र में उतरा है और खोज एवं बचाव अभियान मंगलवार सुबह चलाया जाएगा. 

बता दें कि नेपाल माउंट एवरेस्ट सहित दुनिया की 10 सबसे ऊंची चोटियों में से आठ का घर है. और इस वजह से नेपाल में हर साल सैकड़ों पर्वतारोही और ट्रैकर्स आते हैं. हालांकि गर्मियों की अपेक्षा ठंडी में यहां लोग ट्रेकिंग करने कम आते हैं.

पिछले हफ्ते, चक्रवात मोन्था के कारण पूरे नेपाल में भारी बारिश और बर्फबारी हुई, जिससे कई हिमालय ट्रैकिंग मार्गों पर ट्रैकर्स और पर्यटक फंस गए.

पर्यटन अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि पश्चिमी नेपाल में एक सुदूर चोटी पर चढ़ने के दौरान दो इतालवी पर्वतारोही भी लापता हो गए हैं.

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