अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने अलग और अनोखे अंदाज के लिए जाने जाते हैं। वह जब से सत्ता में आए हैं, तभी से लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं।
अमेरिका की रक्षा के लिए गोल्डन डोम का ऐलान करने के बाद ट्रंप अब समंदर में चीन का मुकाबला करने के लिए गोल्डन फ्लीट को गठन करने की योजना बना रहे हैं।
ट्रंप की योजना के अनुसार, इस फ्लीट में एडवांस युद्धपोत शामिल होंगे, जिन पर हाइपरसोनिक मिसाइलें और अन्य चीजें तैनात होंगी।
इनका रंग सुनहरा होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने सुनहरे रंग का सुझाव इसलिए दिया है, क्योंकि उन्हें वर्तमान में मौजूद बदसूरत जहाज पसंद नहीं हैं।
वॉल स्ट्रीट की रिपोर्ट के मुताबिक वाइट हाउस और पेंटागन के बीच में इन युद्धपोतों को लेकर लंबी चर्चा चल रही है। इन युद्धपोतों को 15,000 से लेकर 20,000 टन के हिसाब से बनाया जाएगा।
इन पर बड़ी मात्रा में लंबी दूरी की हाइपर सोनिक मिसाइलों की तैनाती की जाएगी।
वाइट हाउस की प्रवक्ता ऐना कैली ने अमेरिकी नौसेना को और भी ज्यादा मजबूत बनाने के लिए ट्रंप के नजरिए की सराहना की। हालांकि, उन्होंने इस प्रस्ताव के बारे में कोई भी सीधा जवाब नहीं दिया।
ट्रंप को पसंद नहीं बदसूरत जहाज
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप नौसेना के जहाजों के लुक को लेकर कई बार अपनी बात सामने रख चुके हैं। पूर्व अमेरिकी रक्षा सचिव मार्क एस्पर ने बताया कि ट्रंप के साथ एक बार युद्ध पोत को लेकर उनकी बात हुई थी। तब उन्होंने ट्रंप से कहा था कि युद्ध पोत को युद्ध लड़ने और जीतने के लिए बनाया जाता है।
न कि किसी ब्यूटी कॉन्टेस्ट के लिए। हाल ही में वर्जिनिया में हुई एक समिट के दौरान भी ट्रंप ने इस बात को स्वीकार किया था कि वह कई अमेरिकी युद्धपोतों के लुक के फैन नहीं है। ट्रंप ने कहा, “वह कहते हैं कि यह स्टील्थ हैं… नहीं वह स्टील्थ नहीं हैं। एक जहाज को स्टील्थ होने के लिए बदसूरत होने की जरूरत नहीं है।
अमेरिकी नौसेना के सेक्रेटरी जॉन फेलेन ने युद्ध पोतों को लेकर ट्रंप की उत्सुकता का जिक्र करते हुए कहा कि वह रात में एक बजे भी मैसेज करके पूछ लेते हैं कि नए युद्ध पोतों के बारे में क्या हुआ। या फिर जो पुराने जंग लगे हुए जहाज यार्ड में हैं उनका क्या हुआ।
राष्ट्रपति ट्रंप के गोल्डन फ्लीट वाली योजना को दोनों तरह की बातों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रंप समर्थक उनकी इस योजना का समर्थन करते हुए कहते हैं कि गोल्डन फ्लीट समंदर में अमेरिका के वर्चस्व और गर्व का प्रतीक बनें।
वहीं ट्रंप के विरोधी और अन्य रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस फंड का इस्तेमाल मौजूदा जहाजों के रख-रखाव और नए तकनीकी हथियारों के विकास पर लगाना चाहिए।
इस मुद्दे को लेकर सीनियर नौसेना अधिकारी मार्क मॉन्टगोमेरी ने कहा कि राष्ट्रपति की सौन्दर्य दृष्टि के आधार पर नौसेना का निर्माण नहीं किया जा सकता। हमें युद्ध क्षमता पर ध्यान देना चाहिए न कि सुनहरी चमक पर।
आपको बता दें चीन के साथ बढ़ते टसल और दुनिया पर अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए अमेरिका को हमेशा एक मजबूत नौसेना की जरूरत रहती है।
वर्तमान में अमेरिका एक मजबूत और शक्तिशाली नौसेना का मालिक है। हालांकि इसके जहाजों का रंग सामान्य नौसेनिक जहाजों जैसा ही है।
लगातार पानी में रहने और लंबी दूरी तय करने की वजह से अमेरिकी जहाजों का निचला हिस्सा कई बार जंग की वजह से बदसूरत दिखने लगता है। ट्रंप को यही पसंद नहीं आ रहा है। हाालंकि कई रक्षा विशेषज्ञ ट्रंप के इस प्रस्ताव को सैन्य दृष्टि से व्यावहारिक नहीं मानते हैं।