ट्रंप ने गाजा में दिया ‘स्थायी शांति’ का संदेश, इजरायली सेना ने अंजाम दी एयर स्ट्राइक…

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को गाजा में स्थायी शांति का आह्वान किया।

उन्होंने दावा किया कि पिछले 2 सालों से युद्धग्रस्त इस क्षेत्र को अब आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है।

हालांकि, ट्रंप की इस स्थाई शांति वाली अपील के कुछ घंटों पहले ही इजरायली सेना ने गाजा में मौजूद एक इस्लामिक जिहादी संगठन के ऊपर एयर स्ट्राइक की है। आईडीएफ का आरोप है कि वह इजरायल पर हमले की योजना बना रहे थे।

पूर्वी एशिया की अपनी यात्रा पर निकले ट्रंप दोहा के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी की मौजूदगी में कहा कि जल्दी ही गाजा में शांति के लिए एक बल तैनात किया जाएगा।

गाजा के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि यहां पर एक स्थायी शांति होनी चाहिए। उन्होंने अरब देशों को अपना सच्चा साथी बताते हुए कहा कि गाजा में अगर जरूरत पड़ती है, तो कतर अपने सैनिक भेजने के लिए तैयार है।

गौरतलब है कि हमास और इजरायल के बीच में ट्रंप और अरब देशों की मध्यस्थता से कराया गया शांति समझौता है। हालांकि दोनों ही पक्षों द्वारा एक-दूसरे के ऊपर युद्ध विराम उल्लंघन के आरोप लगाते रहे हैं। मीडिया ने जब इस बारे में सवाल पूछा तो ट्रंप ने कहा, “यह कायम रहेगा।

यह कायम रहेगा। अगर यह कायम नहीं रहता है, तो हमास से निपटना मुश्किल नहीं होगा। यह बहुत जल्दी होगा। लेकिन मुझे उम्मीद है कि हमास के लिए भी यह कायम रहेगा, क्योंकि उन्होंने हमें एक बात पर अपना वचन दिया था। इसलिए, मुझे लगता है कि यह कायम रहेगा और अगर ऐसा नहीं होता है, तो उनके सामने बहुत बड़ी समस्या होगी।”

ट्रंप के इस बयान के कुछ घंटे पहले इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में एक टारगेटेड एयर स्ट्राइक की। इजरायली सेना ने बताया कि उन्होंने मध्य गाजा में एक व्यक्ति पर हमला किया है , वह इजरायली सैनिकों पर हमला करने की योजना बना रहा था। इजरायली सेना की इस टिप्पणी पर अभी तक फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास की कोई टिप्पणी सामने नहीं आई है।

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक ड्रोन ने एक कार पर हमला किया और उसे आग लगा दी। स्थानीय चिकित्सकों ने कहा कि चार लोग घायल हुए हैं, लेकिन किसी की मौत की तत्काल कोई सूचना नहीं है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इज़राइली टैंकों ने गाजा पट्टी के सबसे बड़े शहरी क्षेत्र, गाजा सिटी के पूर्वी इलाकों पर गोलाबारी की। इजराइली सेना ने उस हमले पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की। अभी तक गाजा में किसी भी विदेशी व्यक्ति या बल को प्रवेश देने पर बैन लगाने वाले इजरायल ने थोड़ी सी ढिलाई बरती है। इजरायली मीडिया के मुताबिक नेतन्याहू सरकार ने मिस्त्र की एक टीम को गाजा में जाने की अनुमति दी है, ताकि जल्द से जल्द बंधकों के शवों को वापस लाया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *