मेरठ की सेंट्रल मार्केट में अवैध कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर कार्रवाई, मौके पर पुलिस फोर्स और मजिस्ट्रेट मौजूद…

यूपी में मेरठ के सेंट्रल मार्केट स्थित आवासीय भूखंड पर अवैध रूप से बने कॉम्पलेक्स पर शनिवार को आवास विकास परिषद के बुलडोजर का पहला पंजा चल गया।

भारी पुलिस फोर्स और मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई। कॉम्पलेक्स पर बुलडोजर का पंजा लगते ही दुकानदारों के परिजनों की आंखें भर आईं।

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई है।

पुलिस ने लोगों को कार्रवाई स्थल से हटाने के लिए लगातार अनाउसमेंट किया लेकिन वे पीछे हटने के बाद फिर आगे पहुंच रहे हैं।

आजीविका को उजड़ते देख रो पड़े परिजन कॉम्पलेक्स ध्वस्तीकरण के साथ ही आजीविका उजड़ने से 21 व्यापारियों के परिजन रो पड़े।

कहा कि उनका तो सबकुछ खत्म हो गया, अब वे क्या करेंगे, सरकार ने उनके दर्द को नहीं जाना। बड़ी मेहनत से कारोबार को जमाया था। बैंको से लोन भी लिया हुआ है, उसे कैसे चुकता करेंगे।

सुबह से पुलिस बल तैनात

शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट के कॉम्पलेक्स संख्या 661/6 पर शनिवार सुबह से ही हलचल तेज हो गई थी। पुलिस और प्रशासन की टीम ध्वस्तीकरण के कारण सुबह 6 बजे से ही तैनात कर दी गई।

शुक्रवार देर शाम तक जो व्यापारी दुकान खाली करने से मना कर रहे थे, उन्होंने देर रात से सुबह सामान निकालना शुरू कर दिया था।

यह है मामला

2014 में सेंट्रल मार्केट के 661/6 प्लाट पर बनी जिन 24 दुकानों का गिराने के हाईकोर्ट ने आदेश किए थे ये प्लॉट आज भी आवास विकास परिषद के रिकॉर्ड में काजीपुर के वीर सिंह के नाम हैं, जबकि 1990 से 1996 तक प्लॉट में बनी तमाम दुकानों को व्यापारियों को बेच दिया।

वीर सिंह ने परिषद से कोई मंजूरी लिए बिना उक्त भूमि पर अवैध व्यावसायिक निर्माण शुरू कर दिया था। परिषद ने 19 सितंबर 1990 को नोटिस जारी किया था। वीर सिंह से खरीदने के बाद व्यापारियों ने इस भवन को अपने नाम नहीं कराया।

2013 में मामला हाईकोर्ट गया तो हाईकोर्ट ने 2014 में 661/6 को ध्वस्त करने के आदेश दिए थे। आदेश के खिलाफ व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की जिस पर स्टे मिल गया, लेकिन 10 साल बाद 19 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखते हुए आवास विकास से 499 भवनों की स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी।

17 दिसंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को बहाल रखते हुए अवैध निर्माण ध्वस्त करने के आदेश दिए थे।

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