अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर यूएस में फेंटानिल की तस्करी करने का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि चीन वेनेजुएला को फेंटानिल के लिए रास्ते के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है, ताकि अमेरिकी और मैक्सिकन पोर्ट सिक्योरिटी को चकमा दिया जा सके।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात में पहला सवाल ही फेंटानिल पर होगा।
उन्होंने कहा, ‘मैं जिनपिंग से मिलूंगा। मेरा पहला सवाल फेंटानिल के बारे में होगा। वे फेंटानिल बेचकर हमारे देश में 100 मिलियन डॉलर कमाते हैं।
लेकिन 20 प्रतिशत टैरिफ से वे 100 बिलियन डॉलर गंवा देते हैं। यह उनके लिए अच्छा बिजनेस नहीं है। हम इसी पर बात कर रहे हैं।
इसके लिए वे बहुत बड़ा जुर्माना चुकाते हैं। अगले हफ्ते के अंत में देखते हैं कि क्या होता है। मैं दक्षिण कोरिया में जिनपिंग से मिलूंगा।’
डोनाल्ड ट्रंप 30 अक्टूबर को दक्षिण कोरिया के बुसान में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन के इतर जिनपिंग से मिलेंगे।
यह मुलाकात दोनों महाशक्तियों के बीच बढ़ते आर्थिक और भू-राजनीतिक तनाव के बीच हो रही है, जहां वाशिंगटन शिखर सम्मेलन के कुछ दिनों बाद चीनी आयात पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है।
बुसान में यह ट्रंप और शी की 2019 में जापान के जी20 शिखर सम्मेलन के बाद पहली आमने-सामने की मुलाकात होगी। हालांकि, इस बार मसले बहुत बड़े हैं।
फेंटानिल को वेनेजुएला के जरिए तस्करी के सवाल पर ट्रंप ने कहा, ‘वे ऐसा कर रहे हैं। लेकिन फेंटानिल के कारण अभी वे 20 प्रतिशत टैरिफ चुका रहे हैं।
यह अरबों-अरबों डॉलर हैं। एक नवंबर को चीन पर टैरिफ 157 प्रतिशत हो जाएगा, जो रिकॉर्ड लेवल है। उनके लिए यह टिकाऊ नहीं है।
क्या है फेंटानिल और कितना खतरनाक
फेंटानिल बेहद शक्तिशाली सिंथेटिक ओपियोइड दवा है, जो गंभीर दर्द के इलाज के लिए मेडिकल में इस्तेमाल होती है। सर्जरी या कैंसर के मामलों में इसे कारगर माना जाता है।
यह मॉर्फिन से 50-100 गुना अधिक प्रभावी है और तेजी से असर करता है। एक्सपर्ट निगरानी में इसे पैच, इंजेक्शन या लोजेंज के रूप में दिया जाता है।
हालांकि, अवैध फेंटानिल नशीली दवाओं के दुरुपयोग का प्रमुख कारण है। इसे हेरोइन के साथ मिलाकर बेचा जाता है, जिससे ओवरडोज का खतरा बढ़ जाता है।
अमेरिका में फेंटानिल से संबंधित ओवरडोज स्वास्थ्य संकट बन गया है। यह मुख्य रूप से चीन से मैक्सिको और वेनेजुएला के रास्ते तस्करी कर यूएस पहुंचाया जाता है।