यूपी में जाली करेंसी गैंग का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, नोट खपाने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार…


दीवाली के बाद इटावा में नकली नोट खपाने का बड़ा नेटवर्क बेनकाब हुआ है। सैफई पुलिस ने मंगलवार रात चेकिंग के दौरान नकली करेंसी गिरोह के पांच सदस्यों को धर दबोचा।

इनके पास से 30,200 की जाली भारतीय मुद्रा, एक तमंचा, दो कारतूस, कार और पांच मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। यह लोग आगरा के बाह से जाली नोट लेकर गए थे। इनमें चार आरोपी फिरोजाबाद के हैं।

सैफई थाने के प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह राठी ने बताया कि कार से जाली नोट बरामद हुए। यह नोट आगरा के बाह क्षेत्र निवासी योगेश उर्फ करुआ से नकली नोट लाते हैं। वह 20 हजार असली रुपये के बदले 50 हजार के नकली नोट देता है।

इसके बाद इन्हें बाजारों में असली मुद्रा की तरह चलाते हैं और मुनाफा आपस में बांट लेते हैं। पकड़े गए पांचों आरोपी शातिर और पुराने अपराधी हैं।

इनके खिलाफ प्रदेश के कई जिलों में नकली नोट, धोखाधड़ी, जालसाजी, हत्या और गैंगस्टर जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।

फिरोजाबाद के थाना रामगढ़ में सैलई के रहने वाले सोनू उर्फ सुखबीर उर्फ सोहनवीर, धर्मेंद्र जाटव, थाना रामगढ़ के ही जगजीवर नगर निवासी ओमवीर सिंह, जसवंतनगर नगला नवल का अजय यादव और सैफई नगला वैश का राजू यादव पकड़ा गया है।

मुख्य सप्लायर योगेश उर्फ करुआ के खिलाफ भी नकली मुद्रा और गैंगस्टर एक्ट के कई मुकदमे दर्ज हैं।

कैसे पकड़े गए जाली नोट

सैफई थाने के प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह राठी ने बताया कि वह पुलिस टीम के साथ खड़कोली पुलिया के पास वाहनों की चेकिंग कर रहे थे।

पुलिस टीम को चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग तुलसीपुर मोड़ के पास कार में बैठे हैं, इनके पास नकली नोट हैं।

इस पर पुलिस मौके पर पहुंची तो कार सवार भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी कर कार सवार पांच लोगों को पकड़ लिया।

पकड़े गए लोगों से जब कार के कागजात और बरामद नोटों के बारे में पूछताछ की गई तो वह कोई जवाब नहीं दे सके। फिर कड़ी पूछताछ में सब बता दिया।

नकली करेंसी को एफएसएल भेजा जाएगा

एसएसपी इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास भी है। जिनके पास से नकली मुद्रा मिली है, जो बिल्कुल असली की तरह दिखती है।

आरोपी सैफई थाना अंतर्गत कुम्हारन बाजार के भीड़भाड़ में नकली नोट चला चुके हैं। दुकानदारों को झांसा देकर 500 और 200 के नोटों का सामान भी खरीदा था। बरामद जाली मुद्रा को एफएसएल जांच के लिए भेजा जा रहा है।

गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। मुख्य सप्लायर एवं गृह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है।

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