जेलेंस्की ने कहा, पुतिन से सीधी बातचीत के लिए तैयार हैं, रूस पर और अधिक दबाव डालने की आवश्यकता…

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से रूस और उसके राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रति कड़ा रुख अपनाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि वे बुडापेस्ट में होने वाले आगामी शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने को तैयार हैं।

एनबीसी न्यूज बात करते हुए जेलेंस्की ने जोर देकर कहा कि ट्रंप को पुतिन पर उतना ही या उससे अधिक दबाव बनाना चाहिए, जितना उन्होंने हाल ही में हमास के साथ युद्धविराम कराने में सफलता हासिल करने के दौरान डाला था।

जेलेंस्की ने पुतिन की तुलना हमास से की,और कहा कि पुतिन भी वैसा ही है लेकिन हमास से कहीं अधिक ताकतवर। इसलिए, अतिरिक्त दबाव की जरूरत है।

उन्होंने रूस की विशाल सेना, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी और युद्ध के भयावह पैमाने का हवाला दिया। जेलेंस्की को उम्मीद है कि इस दबाव में अमेरिकी टॉमहॉक मिसाइलों की आपूर्ति शामिल होगी, जो रूस के अंदरूनी इलाकों पर हमला करने में सक्षम हैं।

हालांकि, ट्रंप ने यूक्रेन को ये मिसाइलें देने की संभावना जताई थी, लेकिन वाइट हाउस में जेलेंस्की के साथ बैठक ( जो पुतिन के साथ उनकी फोन कॉल के ठीक एक दिन बाद हुई ) के बाद उन्होंने उम्मीदें कम कर दी।

इस परजेलेंस्की ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘नहीं’ तो नहीं कहा, लेकिन आज के लिए ‘हां’ भी नहीं कहा। पुतिन की चिंताओं पर रोशनी डालते हुए उन्होंने कहा कि पुतिन को डर है कि अमेरिका हमें टॉमहॉक दे देगा।

मुझे लगता है, वह वाकई डरता है कि हम उनका इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति की उस चेतावनी का जिक्र किया जिसमें कहा गया था कि ऐसा कदम संघर्ष को गुणात्मक रूप से नया चरण दे देगा।

ट्रंप ने ऐलान किया कि वे बुडापेस्ट में पुतिन से दूसरी दौर की वार्ता के लिए मिलेंगे, ताकि यूक्रेन युद्ध खत्म हो सके। वहीं जेलेंस्की ने भी सीधी बातचीत की इच्छा जताई।

उन्होंने कहा कि अगर हम वास्तव में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति चाहते हैं, तो इस त्रासदी के दोनों पक्षों की जरूरत है। हमारी सहमति के बिना हमारे बारे में कोई सौदा कैसे हो सकता है? जब उनसे बुडापेस्ट शिखर सम्मेलन में भागीदारी के बारे में पूछा गया, तो जेलेंस्की ने ट्रंप से कहा था कि वे तैयार हैं।

दोनों नेताओं के बीच ट्रंप की पिछली मध्यस्थता प्रयास शुरुआती उत्साह के बाद विफल हो गए थे, क्योंकि क्रेमलिन ने अमेरिकी कोशिशों को ठुकरा दिया था।

इस दौरान जेलेंस्की ने साफ कहा कि हम यह युद्ध हार नहीं रहे, और पुतिन जीत भी नहीं रहे। उन्होंने रूस के बढ़ते हवाई हमलों को उसके युद्धक्षेत्र में ‘कमजोर स्थिति’ का संकेत बताया।

उन्होंने पुतिन पर इस सर्दी में हम पर हमला करके ऊर्जा संकट पैदा करने का आरोप लगाया। यही कारण है कि वे हवाई हमले बढ़ा रहे हैं। दूसरी ओर बैठक के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि यूक्रेन और रूस को जहां हैं, वहीं रुक जाना चाहिए और दोनों पक्षों से हत्या रोकने व समझौता करने की अपील की।

युद्ध रोकने या क्षेत्र सौंपने की संभावना पर जेलेंस्की ने कहा कि अगर हम इस युद्ध को रोकना चाहते हैं और तुरंत कूटनीतिक शांति वार्ता करना चाहते हैं, तो हमें जहां हैं, वहीं रहना होगा।

पुतिन को कुछ अतिरिक्त नहीं देना होगा। उन्होंने जोर दिया कि शांति वार्ता शांत माहौल में होनी चाहिए, न मिसाइलों के साये में, न ड्रोन के नीचे। जब पूछा गया कि क्या ट्रंप युद्ध समाप्त करने में मदद कर सकते हैं, तो जेलेंस्की ने जवाब दिया कि भगवान की कृपा से- हां।

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