“आप होंगे बड़े जज! मैं बहस करूंगा अपने अंदाज में”; मीलॉर्ड की बदजुबानी से भड़क उठे चीफ जस्टिस…

अदालती प्रक्रिया और सुनवाई को दौरान अक्सर ऐसे मौके आते हैं, जब दो वकीलों के बीच तीखी नोकझोंक होती है या कभी-कभी वकील और जज के बीच भी गरमागरम बहस होती है लेकिन इसमें दुर्व्यवहार या दुराचरण और बेअदबी की गुंजाइश नहीं होती।

हालांकि, झारखंड हाई कोर्ट में पिछले दिनों एक ऐसा वाकया देखने को मिला जिसकी खूब चर्चा हो रही है और जज के साथ एक वकील की बदजुबानी का वीडियो वायरल हो रहा है।

दरअसल, हुआ यूं कि गुरुवार को झारखंड हाई कोर्ट के कोर्टरूम नंबर 24 में जस्टिस राजेश कुमार की सिंगल बेंच मामलों की सुनवाई कर रही थी।

इसी दौरान महेश तिवारी नाम के एक वकील खुली अदालत में उनसे उलझ पड़े। उन्होंने जज साहब से न केवल दुर्व्यवहार किया बल्कि ऐसी बातें भी कह दीं, जो किसी भी सभ्य इंसान को उस तरीके से नहीं कहना चाहिए। जज के साथ वकील की बदजुबानी का वीडियो वायरल हो रहा है।

अपने तरीके से बहस करूंगा, आपके तरीके से नहीं

यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम की गई सुनवाई के इस वीडियो में वकील तिवारी को जस्टिस कुमार से बहस करते हुए देखा जा सकता है। वकील तिवारी ने जज साहब को संबोधित करते हुए कहा, “मैं अपने तरीके से बहस करूंगा, आपके तरीके से नहीं, जैसा आप कह रहे हैं।

कृपया ध्यान रखें… किसी भी वकील को अपमानित करने की कोशिश न करें, मैं आपको बता रहा हूँ। महोदय, कृपया किसी भी व्यक्ति को अपमानित करने की कोशिश न करें।

देश जल रहा है… न्यायपालिका के साथ। ये मेरे शब्द हैं। किसी भी वकील को अपमानित करने की कोशिश न करें। आप होंगे जज; आप बहुत जानते हैं, जज हो गए। हम लोग नहीं जानते हैं, हम लोग वकील हैं। मैं अपने तरीके से बहस करूँगा। आप हद मत लाँघिए। मैं पिछले 40 सालों से वकालत कर रहा हूँ।”

चीफ जस्टिस ने ले लिया ऐक्शन

इस वीडियो के वायरल होने के अगले ही दिन यानी शुक्रवार को हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस तरलोक सिंह चौहान ने इस पर गहरी नाराजगी जताई।

इसके बाद उनकी अध्यक्षता में जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद, जस्टिस रोंगोन मुखोपाध्याय, जस्टिस आनंद सेन और जस्टिस राजेश शंकर की पूर्ण पीठ ने मामले में स्वत: संज्ञान ले लिया और ‘कोर्ट ऑन इट्स ओन मोशन बनाम महेश तिवारी’ टाइलट से वकील तिवारी के खिलाफ एक आपराधिक अवमानना ​​मामले की सुनवाई शुरू कर दी। मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर को निर्धारित है।

क्यों बिगड़े हालात, मामला क्या?

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस कुमार की सिंगल बेंच के सामने कथित अवमानना ​​गुरुवार को एक महिला द्वारा बिजली कनेक्शन काटे जाने और बिजली बोर्ड द्वारा 1.30 लाख रुपये से अधिक की राशि मांगने के खिलाफ दायर मामले की सुनवाई के कुछ ही मिनट बाद हुई।

विधवा याचिकाकर्ता पुष्पा कुमारी का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता तिवारी कर रहे थे। संक्षिप्त सुनवाई के बाद, न्यायालय ने 50,000 रुपये जमा करने की शर्त पर उसका कनेक्शन बहाल करने का आदेश पारित किया था लेकिन तिवारी उस राशि को कम कराना चाह रहे थे। इसी दौरान जज और वकील के बीच तीखी बहस हो गई।

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