23 साल की मेडिकल छात्रा से कथित दुष्कर्म के मामले में बुधवार को नया मोड़ तब आया जब पीड़िता के पिता ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।
उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने कुछ गलत कहा है तो वे ममता बनर्जी के चरणों में असंख्य बार नमन करेंगे, बस उनकी बेटी को न्याय मिल जाए।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पिता ने मीडिया से कहा, “ममता बनर्जी मेरे लिए मां जैसी हैं।
अगर मुझसे कुछ गलत कहा गया है तो मैं उनसे क्षमा चाहता हूं। मैं उनके चरणों में बार-बार नमन करूंगा, लेकिन उनसे यही अनुरोध है कि मेरी बेटी को न्याय मिले।”
ममता का शासन औरंगजेब के राज जैसा
इससे पहले पीड़िता के पिता ने ममता बनर्जी की उस टिप्पणी पर नाराजगी जताई थी जिसमें मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया था कि लड़की रात में बाहर क्यों गई थी? इसके जवाब में पिता ने कहा था, “ऐसा लगता है कि बंगाल में औरंगज़ेब का शासन चल रहा है। मैं अपनी बेटी को ओडिशा वापस ले जाना चाहता हूं। उसके लिए जीवन पहले है और करियर बाद में।”
उन्होंने मामले की जांच सीबीआई से कराने की भी मांग की थी, जिससे यह मुद्दा राजनीतिक रंग ले बैठा था।
अब पुलिस ने जांच के दौरान पीड़िता के बयान में विरोधाभास पाए हैं। दूसरे वर्ष की एमबीबीएस छात्रा ने आरोप लगाया था कि 10 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे वह एक पुरुष मित्र के साथ खाना लेने कॉलेज कैंपस से बाहर गई थी, जहां कुछ लोगों ने उसे जंगल की ओर खींचकर सामूहिक दुष्कर्म किया।
छात्रा के पुरुष सहपाठी को गिरफ्तार किया गया है, जो इस मामले में छठा आरोपी है। पुलिस का कहना है कि अब तक के सबूत बताते हैं कि घटना एक ही व्यक्ति द्वारा की गई, इसलिए मामला गैंगरेप नहीं बल्कि रेप का है।
सीसीटीवी फुटेज में छात्रा को अपने दोस्त के साथ शांत भाव से और कपड़े सही हालत में कॉलेज लौटते हुए देखा गया।
पुलिस का कहना है कि यदि छात्रा को सचमुच जंगल में घसीटा गया और कई लोगों ने हमला किया तो उसके शरीर या कपड़ों पर निशान या मदद मांगने के संकेत मिलने चाहिए थे, जो नहीं मिले हैं।
यह मामला अब राजनीतिक विवाद में बदल चुका है। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा में विफलता का आरोप लगाया है।
ममता बनर्जी के बयान की भी राष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई थी। वहीं, अब पिता की माफी के बाद मामले ने भावनात्मक और राजनीतिक दोनों पहलुओं से नया मोड़ ले लिया है।
पुलिस जांच जारी है, जबकि पीड़िता के पिता ने एक बार फिर कहा है कि वे सिर्फ न्याय चाहते हैं, राजनीति नहीं।