27 साल तक बंद कमरे में कैद बेटी, माता-पिता ने दुनिया से कहा ‘भाग गई’; पुलिस ने पहुंचकर देखा…

जब आखिरी बार उसने अपने घर के बाहर कदम रखा था, तब वह महज 15 साल की थी।

अब घर से बाहर आई तो 42 साल की हो चुकी है। यह कहानी एक ऐसी लड़की की है, जो आसमान छूने के सपने देखती थी।

लेकिन उसके अपने माता-पिता ने न सिर्फ उसके सपनों को तोड़ा, बल्कि उसे पूरी तरह कुचल दिया। आज जब वह दुनिया को निहार रही है तो उसकी उम्र 42 वर्ष हो चुकी है।

अस्पताल में वह मौत के साये में जी रही है। यह दिल दहला देने वाली घटना पोलैंड की रहने वाली मिरेला की है। 1998 में वह अचानक गायब हो गई थी और 2025 में अपने ही घर में कैद मिली।

अपने ही घर में 27 साल से कैद

बताया जा रहा है कि माता-पिता ने अपनी बेटी को 27 वर्षों तक दुनिया की नजरों से छिपाकर एक छोटे से कमरे में कैद रखा। जब कभी पड़ोसी या रिश्तेदार पूछते तो वे झूठ बोल देते कि वह कहीं खो गई है।

लेकिन जब वह इस नर्क जैसी कैद से मुक्त हुई, तो उसकी हालत इतनी खराब थी कि मौत उसके बिल्कुल करीब खड़ी थी।

उसके पैरों की हालत इतनी जर्जर हो चुकी थी कि वे सड़ने लगे थे। डॉक्टरों का कहना है कि अगर कुछ और दिन इसी तरह बीत जाते तो वह बच नहीं पाती।

छोटे से अंधेरे कमरे में बिताए 27 साल

द सन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, मिरेला नाम की यह महिला 1998 में मात्र 15 साल की उम्र में सामाजिक जीवन से पूरी तरह लापता हो गई थी।

27 वर्षों तक उसके पड़ोसियों ने माता-पिता के उस दावे पर भरोसा किया कि वह गुम हो चुकी है। लेकिन हकीकत इस साल की शुरुआत में जुलाई महीने में तब उजागर हुई, जब परिवार के अपार्टमेंट में किसी खराबी की शिकायत पर पुलिस वहां पहुंची।

फ्लैट में घुसते ही पुलिस ने 42 वर्षीय मिरेला को एक छोटे से अंधेरे कमरे में कैद पाया। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने पुष्टि की कि संक्रमण के कारण वह ‘मौत से महज कुछ दिनों की दूरी’ पर थी।

सोशल मीडिया पोस्ट ने खोला राज

मिरेला का पता जुलाई में ही लग गया था, लेकिन यह मामला अब जाकर सुर्खियों में आया है। उसके पड़ोसियों ने उसके इलाज में मदद के लिए एक फंडरेजिंग कैंपेन शुरू किया।

एक सोशल मीडिया पोस्ट में आयोजकों में से एक ने लिखा कि डॉक्टरों ने तय किया है कि संक्रमण की वजह से उसकी मौत बस कुछ ही दिनों दूर थी। अपनी गंभीर स्थिति के चलते वह पिछले दो महीनों से अस्पताल में भर्ती है।

सबको लगा कि वह घर छोड़कर भाग गई

आयोजक ने आगे बताया कि मिरेला को जानने वाले सभी लोग मानते थे कि लगभग 27 साल पहले उसने अपना ‘परिवारिक घर’ छोड़ दिया है।

लेकिन दुर्भाग्य से वास्तविकता इससे बिल्कुल उलट थी। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आखिर मिरेला को ऐसी भयानक सजा क्यों दी गई।

उसे बस एक छोटे से कमरे में ही कैद कर दिया गया। पुलिस ने अब इस मामले की जांच शुरू कर दी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

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