श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 25 नवंबर को अयोध्या में मुख्य मंदिर पर ध्वजारोहण के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है। यह समारोह राम मंदिर के प्रतीकात्मक निर्माण के पूर्ण होने का प्रतीक होगा।
मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सैद्धांतिक रूप से तिथि स्वीकार कर ली है और इस कार्यक्रम में उनकी भागीदारी के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
प्रधानमंत्री मोदी मंदिर का ध्वज फहराएंगे, जो हिंदू परंपरा का एक पवित्र प्रतीक है, जिससे भारत और दुनिया भर के श्रद्धालुओं को राम मंदिर परिसर की तैयारी का संकेत मिलेगा।
नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा ध्वजारोहण इस बात का प्रतीक है कि मंदिर और उससे जुड़ी संरचनाएं अब तैयार हैं और श्रद्धालुओं के लिए खुल गई हैं।
यह समारोह चरणबद्ध निर्माण प्रक्रिया के समापन का प्रतीक होगा, जिसकी शुरुआत 2022 में भूतल के निर्माण के साथ हुई थी और जिसमें पिछले वर्ष 2024 में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह भी शामिल था।
25 नवम्बर के बाद भक्तों के लिए खुलेगा परिसर
भवन-निर्माण समिति चेयरमैन व प्रधानमंत्री संग्रहालय के चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र का कहना है कि 25 नवम्बर के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर को पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
श्रद्धालुगण यहां निर्धारित व्यवस्था के अनुसार परकोटे के मंदिरों, शेषावतार व कुबेर टीला के अलावा सप्त मंडपम का दर्शन कर सकते हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि 25 नवम्बर के पहले पंचवटी का भी निर्माण पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि वाटिका में अब तक 750 पेड़ भी लगाए गये और उद्यान को भी विकसित किया गया है।