6 साल से लंबित इस्तीफे को नहीं मिली मंजूरी, अब कांग्रेस में शामिल हुए IAS कन्नन गोपीनाथन…

भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के पूर्व अधिकारी कन्नन गोपीनाथन सोमवार को कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।

पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल पार्टी, मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा और कुछ अन्य नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गोपीनाथन ने 2019 में अपने पद से इस्तीफा दिया था जो कि अब तक स्वीकार ही नहीं हुआ है।

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद लगाए गए प्रतिबंधों के विरोध में उन्होंने त्यागपत्र दिया था।

रिपोर्ट के मुताबिक डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनेल ऐंड ट्रेनिंग (DoPT) में उनका स्टेटस अब भी सेवारत के रूप में ही दिख रहा है। इसे आखिरी बार 21 नवंबर 2023 को अपडेट किया गया था।

वह दादर नगर हवेली में पावर डिवेलपमेंट सिक्रेटरी के रूप में तैनात थे। नियम तो स्पष्ट है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी राजनीतिक पार्टी में नहीं शामिल हो सकता है।

उसे सेवा में रहते हुए चुनाव लड़ने का भी अधिकारी नहीं होता है। वह आखिरी बार दादरा नगर हवेली में पावर सेक्रेटरी केरूप में तैनात थे।

सेंट्रल सिविल सर्विसेज के नियम 5 में कहा गया है, को भी सरकारी कर्मचारी किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं रख सकता। रिपोर्ट के मुताबिक गोपीनाथन ने कहा, मुझे इस्तीफे के मामले में सरकार की तरफ से कोई जवाब ही नहीं मिला।

6 साल से मेरा इस्तीफा लंबित है। पता नहीं इसके पीछे सरकार की क्या मंशा है। उन्होंने कहा, मैंने तो अपना इस्तीफा दे ही दिया है।

अधिकारियों का कहना है कि गोपीनाथन ने पार्टी की सदस्यता तो ले ली है लेकिन वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पार्टी में उनका स्वागत करते हुए कहा, “कन्नन गोपीनाथन जी 2012 बैच के आईएएस अधिकारी थे। जिस समय देश में विरोध लगभग नामुमकिन था, तब उन्होंने आवाज उठाई। गोपीनाथन जी ने जम्मू-कश्मीर को राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने पर बुलंद होकर इसके विरोध में आवाज उठाई और सीएए के मुद्दे पर भी मुखर रहे।”

उन्होंने कहा, “गोपीनाथन जी ने वीवीपीएटी के मुद्दे पर भी खुलकर बोला। कई प्राथमिकियां और तमाम कार्रवाई झेलीं, लेकिन वे डरे नहीं और झुके नहीं।

आखिर में उन्होंने ऐसी नौकरी छोड़ दी, जिसे सब हासिल करना चाहते हैं।’ खेड़ा ने कहा, ‘यह खुशी की बात है कि गोपीनाथन जी ने कांग्रेस पार्टी को चुना। हमारे दरवाजे हर उस आवाज के लिए खुले हैं, जो आजादी और न्याय की बात करती है।

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