नंदिनी मानिकपुरी (संपदक-छत्तीसगढ़):
गृहमंत्री का पुलिस विभाग में नियंत्रण नहीं इसीलिए अपराध बढ़ रहे
रायपुर, 13 अक्टूबर 2025।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने राज्य में बढ़ते अपराधों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा अपने ही विभाग पर नियंत्रण नहीं रख पा रहे हैं, जिसके चलते प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं।
एसपी कॉन्फ्रेंस के दौरान गृहमंत्री और महासमुंद एसपी के बीच हुई नोकझोंक पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ठाकुर ने कहा, “जब गृह मंत्री की बात विभागीय अधिकारी नहीं सुन रहे, तो आम जनता की शिकायतों का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।”
उन्होंने कहा कि पुलिस थानों में आम नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं बढ़ी हैं, वहीं एफआईआर दर्ज कराने के लिए रिश्वत की मांग की जा रही है। ठाकुर ने मांग की कि गृहमंत्री विजय शर्मा को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि उनके नियंत्रण में गृह विभाग नहीं है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। अपराधियों में कानून का कोई भय नहीं बचा है, जबकि आम जनता पुलिस की सख्ती झेल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में आयोजित एसपी कॉन्फ्रेंस केवल “खानापूर्ति” बनकर रह गई है, क्योंकि पिछले वर्ष की कॉन्फ्रेंस के बाद भी अपराधों में कोई कमी नहीं आई।
धनंजय सिंह ठाकुर ने आंकड़े जारी करते हुए बताया कि बीते एक वर्ष में राज्य में अपराधों में भारी वृद्धि हुई है —
- हत्या के 1114 मामले, यानी प्रतिदिन औसतन 3 हत्या
- लूटपाट के 458 मामले, प्रतिदिन 2 लूटपाट
- अपहरण के 3644 मामले, प्रतिदिन 10 अपहरण
- चोरी के 7960 मामले, प्रतिदिन 21 चोरी
- डकैती के 56 मामले, प्रतिमाह औसतन 5 डकैती
- बलात्कार के 3191 मामले, प्रतिदिन औसतन 9 घटनाएं
उन्होंने कहा कि “लोहारीडीह हत्याकांड, बलौदाबाजार में कलेक्टर-एसपी कार्यालय जलाने की घटना, मंदिर हसौद में मॉब लिंचिंग, रायपुर में अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर द्वारा गोलीबारी, और जशपुर में रक्षाबंधन के दिन आदिवासी युवती से गैंगरेप जैसे मामले इस बात के प्रमाण हैं कि राज्य में कानून-व्यवस्था चरमराई हुई है।”
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कई गंभीर मामलों में थानों में एफआईआर तक दर्ज नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा, “प्रदेश की जनता अब खुद को घर से लेकर सड़क तक असुरक्षित महसूस कर रही है। सरकार अपराध नियंत्रण में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।”