अमेरिका और चीन के रिश्तों में लगातार बदलाव हो रहा है।
कल तक जिनपिंग को लेकर गुस्से में नजर आ रहे ट्रंप का सुर अचानक बदल गया है। ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट लिखी है।
इसमें उन्होंने चीन के राष्ट्रपति को बेहद सम्माननीय बताया है। साथ ही ट्रंप ने लिखा है कि अमेरिकी चीन के साथ सहयोग का भाव लेकर चलना चाहता है।
हमें आपस में कोई संघर्ष नहीं चाहिए। गौरतलब है कि चीन और अमेरिका के बीच हाल में थोड़ा तनाव बढ़ा है। यह मामला रेयर अर्थ के निर्यात और अमेरिका द्वारा टैरिफ रेट बढ़ाने की बात के बाद आया है।
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा है, ‘चीन के बारे में चिंता मत कीजिए। सबकुछ ठीक होगा।’ उन्होंने आगे लिखा कि बेहद सम्माननीय राष्ट्रपति शी जिनपिंग का एक खराब पल था।
वह अपने देश पर किसी तरह का दबाव नहीं चाहते और मैं भी ऐसा नहीं चाहता। ट्रंप के मुताबिक अमेरिका चीन की मदद करना चाहता है, उसे दुखी नहीं करना चाहता।
ट्रंप के लहजे में नाटकीय बदलाव
ट्रंप के लहजे में आया यह बदलाव बेहद नाटकीय है। हाल ही में उन्होंने दुर्लभ-अर्थ मटीरियल और संबंधित टेक्नोलॉजी के निर्यात पर व्यापक प्रतिबंध लगाने के चीन के फैसले की निंदा की थी।
उस समय, ट्रंप ने बीजिंग पर वैश्विक बाजारों को अस्थिर करने का आरोप लगाया। इसके पीछे की भावना को अशुभ और शत्रुतापूर्ण बताया। साथ ही ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यह दुनिया को बंधक बनाने का प्रयास था।
वहीं, अमेरिका के टैरिफ संबंधी धमकियों पर चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाया। मंत्रालय ने कहा कि हम टैरिफ वॉर नहीं चाहते, लेकिन हम इससे डरते भी नहीं हैं।
साथ ही यह भी कहा कि अगर अमेरिका चीनी सामानों पर अपने प्रस्तावित 100% आयात शुल्क के साथ आगे बढ़ता है, जो 1 नवंबर से लागू होने वाला है, तो बीजिंग भी कठोर उपाय अपनाएगा।
दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ते तनाव का केंद्र रेयर अर्थ मटीरियल के निर्यात को सीमित करने का चीन का कदम है।
यह ऐसे महत्वपूर्ण पदार्थ हैं जिनका उपयोग स्मार्टफोन से लेकर सैन्य प्रणालियों तक, एडवांस टेक्नोलॉजी में किया जाता है। राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी सैन्य उपयोग की संभावना का हवाला देते हुए, चीनी अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि नए नियम पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं हैं। वैध नागरिक उपयोगों के लिए एक्सपोर्ट लाइसेंस अभी भी दिए जाएंगे।