दुर्गापुर में MBBS छात्रा के साथ हुए गैंगरेप में तीन आरोपी गिरफ्तार, दो फरार…

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में छात्रा से गैंगरेप मामले में पुलिस ने कम से कम तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस अभी दो आरोपियों की तलाश में जुटी है।

जानकारी के मुताबिक पीड़िता ओडिशा के जलेश्वर की रहने वाली है और वह एमबीबीएस द्वितीय वर्ष में थी। पुलिस ने बताया कि छात्रा शुक्रवार को रात में 8 से 9 बजे के बीच दोस्त के साथ डिनर के लिए निकली थी।

तभी कैंपस के गेट पर ही खड़े युवकों ने उसका मोबाइल छीन लिया और घसीटकर कैंपस के जंगल में ले गए। आरोपियों ने छात्रा के साथ गैंगरेप किया।

लड़की को जब घसीटा गया तो सबसे पहले उसका दोस्त ही भाग गया। पीड़िता को एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

पीड़िता के माता-पिता का कहना है कि इस घटना में उसका दोस्त भी शामिल था। इन आरोपों के बाद दोस्त को हिरासत में ले लिया गया।

पुलिस का कहना है कि पीड़िता की हालत स्थिर है। छात्रा ने पुलिस को बताया था कि डिनर से लौटते वक्त तीन बदमाशों ने ऱास्ता रोका था।

आरोपियों ने गैंगरेप के बात छात्रा को धमकी दी कि अगर किसी से घटना के बारे में बताया तो जान से हाथ धोना पड़ेगा।

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) का एक दल पीड़िता और उसके माता-पिता से मिलने के लिए दुर्गापुर के अस्पताल पहुंचा। एनसीडब्ल्यू सदस्य अर्चना मजूमदार ने कहा, “बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। पुलिस ऐसे मामलों में कोई सक्रिय कदम नहीं उठा रही है। यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करूंगी कि वे आगे आएं और इस तरह के अपराधों में वृद्धि को रोकने के लिए मिलकर काम करें।”

इस बीच, एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को दुर्गापुर स्थित निजी मेडिकल कॉलेज से रिपोर्ट मांगी है।

उन्होंने कहा, “हमने इस संबंध में कॉलेज अधिकारियों से शीघ्र रिपोर्ट मांगी है। उसके अनुसार, हम कदम उठाएंगे।” इस बीच, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर न्यू टाउनशिप थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पीड़िता के पिता से फोन पर बात की और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

भाजपा नेता ने पीड़िता के पिता से यह भी कहा कि यदि उनकी बेटी वहां के इलाज से संतुष्ट नहीं है तो वे उसे कोलकाता के किसी अस्पताल में स्थानांतरित करा लें।

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