अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा अब स्पेन पर फूट पड़ा है। ट्रंप ने गुरुवार को कहा है कि स्पेन को नाटो से निकालकर बाहर फेंक देना चाहिए।
दरअसल ट्रंप बीते कुछ समय से NATO देशों से अपना सैन्य खर्चा बढ़ाने को कह रहे हैं। हालांकि ट्रंप के मुताबिक अब भी कई देश अपनी सुरक्षा का बजट नहीं बढ़ा रहे हैं और इन देशों में स्पेन का नाम भी शामिल है।
ट्रंप ने गुरुवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “स्पेन के बारे में पता लगाना चाहिए कि वह इतना पीछे क्यों है। हमने उनके लिए बहुत कुछ किया है। उनके पास ऐसा ना करने का कोई बहाना नहीं है। आपको उन्हें नाटो से बाहर निकाल देना चाहिए।”
इससे पहले बीते जून महीने में भी ट्रंप ने स्पेन को धमकी दी थी। तब स्पेन ने नाटो शिखर सम्मेलन में रक्षा खर्च को देश की GDP के 5 फीसदी तक बढ़ाने के अमेरिकी अपील को खारिज कर दिया था, जिससे ट्रंप बुरी तरह भड़क गए थे। स्पेन समूह में इस लक्ष्य को अस्वीकार करने वाला एकमात्र देश था। ट्रंप ने तब स्पेन को टैरिफ दोगुना करने की धमकी भी दी थी।
स्पेन के तर्क
हालांकि स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा है कि देश का सुरक्षा बजट यूं ही नहीं बढ़ाया जा सकता है और इससे देश के बजट पर करोड़ों यूरो का अतिरिक्त खर्च आएगा। इसके लिए स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे सेक्टरों में खर्च की कटौती करने की जरूरत होगी, जो ठीक नहीं है।
पेड्रो सांचेज के कार्यालय ने गुरुवार को ट्रंप की टिप्पणी के बाद एक बयान जारी किया है बयान में कहा गया है, “स्पेन पूर्ण अधिकार के साथ नाटो का सदस्य है और नाटो के प्रति प्रतिबद्ध है। यह अपने लक्ष्यों को उसी तरह पूरा करता है जैसे अमेरिका करता है।”
क्या चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप?
गौरतलब है कि अमेरिका का कहना है कि वह NATO देशों की सुरक्षा पर बहुत अधिक खर्च कर रहा है, जबकि अन्य सदस्य देश, खासकर यूरोपीय देश पर्याप्त योगदान नहीं दे रहे हैं।
ट्रंप इन देशों को “मुफ्त की सवारी” करने वाला भी बुला चुके हैं। डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि नाटो सदस्य देश अपने GDP का कम से कम 5 फीसदी रक्षा पर खर्च करें। उन्होंने यह धमकी भी दी है कि अगर ये देश पर्याप्त खर्च नहीं करेंगे, तो अमेरिका उनकी रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध नहीं रहेगा।