मुत्ताकी का बयान: भारत तालिबान सरकार को दे मान्यता, अफगान जमीन का इस्तेमाल आतंक के लिए नहीं होगा…

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी गुरुवार को भारत पहुंचे, जहां उनकी यात्रा को भारत-अफगानिस्तान संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

इस बीच तालिबान के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने भारत को भरोसा दिलाया कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कभी भारत के खिलाफ नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने भारत से तालिबान सरकार की औपचारिक मान्यता देने की अपील भी की।

सीएनएन न्यूज-18 से बात करते हुए भारत-अफगान रिश्तों पर शाहीन ने कहा, “यह बहुत महत्वपूर्ण दौरा है। दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय चर्चाएं होंगी। मुझे उम्मीद है कि आपसी भरोसा बढ़ेगा और कई नए क्षेत्रों में सहयोग के अवसर मिलेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि तालिबान चाहता है कि भारत और अफगानिस्तान के बीच सामान्य और स्थायी संबंध बनें।

तालिबान ने मांगी भारत से अफागानिस्तान की मान्यता

जब उनसे पूछा गया कि क्या तालिबान भारत से औपचारिक मान्यता चाहता है तो शाहीन ने साफ कहा, “हम दो देशों के बीच अच्छे और सामान्य संबंध चाहते हैं। लेकिन मान्यता बहुत जरूरी है।

यह एक बाधा बनी हुई है। अगर भारत हमें मान्यता देता है तो यह दोनों देशों के हित में होगा और संबंधों को सामान्य बनाने में मदद करेगा।”

शाहीन ने बताया कि इस यात्रा के दौरान मुत्ताकी कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने, व्यापारिक सहयोग बढ़ाने और नई साझेदारी की संभावनाओं पर बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर को बढ़ाने यानी राजदूतों की नियुक्ति पर भी चर्चा होगी।

भारत के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होगी अफगान की भूमि

भारत की प्रमुख चिंता आतंकवाद को लेकर है। इस पर शाहीन ने कहा, “अफगानिस्तान की नीति स्पष्ट है। हमारी जमीन किसी भी देश के खिलाफ इस्तेमाल नहीं की जाएगी। इसमें भारत भी शामिल है। सामान्य संबंधों से आपसी विश्वास बढ़ेगा और कई मुद्दे अपने आप हल हो जाएंगे।”

जब शाहीन से पूछा गया कि तालिबान सरकार भारत और दुनिया की मानवाधिकार व महिलाओं के अधिकारों से जुड़ी चिंताओं को कैसे दूर करेगी तो उन्होंने कहा, “कुछ देश मानवाधिकारों के मुद्दे को अफगानिस्तान पर दबाव डालने के साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिस तरह मानवाधिकारों की स्थिति दिखाई जाती है, वह जमीनी हकीकत नहीं है।”

शाहीन ने आगे कहा, “हम एक स्वतंत्र राष्ट्र हैं और सभी देशों, खासकर भारत के साथ सामान्य संबंध चाहते हैं। मुत्ताकी का दौरा दोनों देशों के भविष्य के रिश्तों के लिए एक मजबूत नींव साबित होगा।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *