इंग्लैंड में एक शिक्षक को एक छात्र को थप्पड़ मारने के आरोप में स्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
यह घटना तब घटी जब उन्होंने एक सहपाठी के सवाल का जवाब न दे पाने पर हंसने के कारण कथित तौर पर चांटा जड़ दिया था।
हैम्पशायर के कोव सेकेंडरी स्कूल में कंप्यूटर साइंस के अध्यापक बर्नार्ड एक्विलिना को आंतरिक जांच और अनुशासनिक सुनवाई के बाद अयोग्य पेशेवर आचरण का दोषी पाया गया।
मई 2024 में उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया और अब इंग्लैंड में पढ़ाने पर आजीवन रोक लगा दी गई है।
5 फरवरी 2024 की घटना
द इंडिपेंडेंट की खबर के अनुसार, यह वाकया 5 फरवरी 2024 को हुआ। पीड़ित छात्र ने जांचकर्ताओं को बताया कि एक अन्य छात्र को सवाल का उत्तर देने के लिए बुलाया गया था, क्योंकि वह क्लास में ध्यान नहीं दे रहा था।
इससे वह हंसने लगा। छात्र ने अपने बयान में कहा कि मैं हंसा क्योंकि उसे उत्तर देने में कठिनाई हो रही थी। मिस्टर एक्विलिना मेरे पास आए और ताली बजाते हुए बोले, ‘शाबाश’। फिर उन्होंने मेरे चेहरे पर जोरदार थप्पड़ मारा।
छात्रों के बयान क्या थे?
पैनल के निष्कर्षों में आठ छात्रों के बयान काफी हद तक एकसमान पाए गए। एक छात्र ने कहा कि मैंने एक्विलिना को छात्र ए के पास जाते और कहते सुना कि अगर तुम असम्मान करोगे, तो मैं भी वैसा ही कर सकता हूं।
छात्र ए ने उत्तर दिया कि मैंने क्या किया, मैं तो सिर्फ हंसा था। इसके बाद एक्विलिना ने अपने बाएं हाथ से छात्र ए के बाएं गाल पर थप्पड़ मारा।
यह इतना तेज था कि जहां मैं बैठा था, वहां से भी आवाज स्पष्ट सुनाई दी। पैनल द्वारा देखे गए सीसीटीवी फुटेज के नोट्स ने भी छात्रों के बयानों की पुष्टि की।
पछतावा तो है लेकिन…
टीचिंग रेगुलेशन एजेंसी (टीआरए) के पैनल ने अपने फैसले में कहा कि एक्विलिना ने अपने कार्यों पर कुछ हद तक पछतावा तो व्यक्त किया, लेकिन व्यवहार की गहराई को समझने या उसके गंभीर परिणामों को नजरअंदाज कर दिया।
इसके अलावा, उनका शिक्षण क्षेत्र में कोई विशेष योगदान सिद्ध नहीं हुआ।
निर्णयकर्ता मार्क कैवे ने कहा कि मेरी राय में एक्विलिना के व्यवहार के प्रति पूर्ण जागरूकता की कमी के कारण इसकी दोहराव का जोखिम बना रहता है, जो छात्रों के हितों को नुकसान पहुंचा सकता है।