ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के हमलों को विफल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम पर सेना का भरोसा बढ़ गया है।
इस मामले से परिचित लोगों के मुताबिक भारत इन एयर डिफेंस सिस्टम की नई खेप खरीदने पर विचार कर रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि राष्ट्रपति पुतिन की दिसंबर में होने वाली भारत यात्रा के दौरान इस डिफेंस सिस्टम की खरीद पर बातचीत हो सकती है।
हालांकि सूत्रों का कहना है कि भारत एस-400 के एडवांस वर्जन एस-500 को खरीदने पर भी विचार कर सकता है।
वायुसेना चीफ एयर मार्शल ए.पी. सिंह ने भी इस मामले पर अपनी राय रखी हालांकि उन्होंने सीधे-सीधे कोई जवाब नहीं दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत नई एस-400 डिवाइस खरीदने के बारे में सोच रहा है? इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जाहिर है, इससे हमें अच्छा परिणाम मिला है। इसलिए, हमें ऐसे और सिस्टम्स की जरूरत है। आप कितनी खरीद सकते हैं, इसकी कोई सीमा नहीं है। फिर से मैं इस बारे में चुप रहूंगा कि योजना क्या है, क्या हम और अधिक खरीदना चाहते हैं या नहीं।”
उन्होंने कहा, “यह एक बेहतर डिफेंस सिस्टम साबित हुआ है। हमारी अपनी देशी प्रणाली भी विकसित हो रही है। इसलिए इस पर जल्दी ही कोई निर्णय लिया जाएगा।”
गौरतलब है कि भारत ने जिस वक्त रूस के साथ एस-400 को खरीदने का सौदा किया था उस वक्त भी अमेरिका ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी। हालांकि भारत की तरफ से साफ कर दिया गया था कि वह इसी डिफेंस प्रणाली को खरीदेगा।
भारत और रूस के बीच 2018 में 5 अरब डॉलर में 5 एस-400 डिवाइस को खरीदने का सौदा हुआ है। इनमें से तीन स्क्वाड्रन की आपूर्ति हो चुकी है, जबकि बाकी के दो स्क्वाड्रन की आपूर्ति रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से रुकी हुई है।
क्योंकि इस युद्ध की वजह से रूस के ज्यादार कारखाने युद्ध के लिए साजो-सामान बनाने में लगे हुए हैं।