सैयद जावेद हुसैन (सह संपादक – छत्तीसगढ़):
धमतरी- जिले के प्रमुख रविशंकर सागर बांध (गंगरेल), मुरुमसिल्ली बाँध, न्यू रूद्री बैराज तथा सोंदूर बाँध वर्तमान में पूर्ण जल भराव की स्थिति में हैं।
बीते दो दिनों में हुई लगातार बारिश के कारण जलाशयों में अत्यधिक पानी की आवक हुई है, जिसके चलते बांधों के गेट खोलकर नियंत्रित मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने आज देर शाम बारिश के बीच रविशंकर सागर बांध (गंगरेल) जा कर छोड़े जा रहे पानी की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को किसी भी स्थिति से निबटने तैयार रहने के निर्देश दिए। खास तौर पर कल शनिवार और अगले दिन रविवार को पर्यटकों की बढ़ती तादाद के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए।
कार्यपालन अभियंता ने बताता कि रविशंकर सागर बांध (गंगरेल) में गुरुवार रात के दौरान हुई भारी बारिश के चलते 27,000 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है। जलाशय अब पूर्ण भराव स्तर पर पहुँच चुका है और रात में ही नदी में 27,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। शुक्रवार के दिन यानी आज पानी की बंपर आवक के मद्देनजर समाचार लिखे जाने तक 55000 क्यूसेक पानी मेहंदी में छोड़ा जा रहा है। जिसे परिस्थितियों के अनुसार और बढ़ाया भी जा सकता है।
इसी प्रकार सोंदूर जलाशय से भी 6,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पानी की बढ़ी हुई निकासी से नदी-नालों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
इन परिस्थितियों में बाँध स्थलों तथा नदी किनारों पर भीड़ एकत्र होने और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दुर्घटनाओं और जनहानि की संभावना बनी हुई है। जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक प्रमुख बाँध स्थल पर दो-दो सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं। इससे न केवल पर्यटकों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि आपातकालीन स्थिति में तत्काल नियंत्रण और सहायता भी उपलब्ध कराई जा सकेगी।
कलेक्टर ने जिलेवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी किनारे अनावश्यक रूप से न जाएँ और उफनते नदी-नालों को पार करने का प्रयास बिल्कुल न करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन जनसहयोग भी उतना ही ज़रूरी है।
उन्होंने विशेष रूप से नदी किनारे बसे ग्रामवासियों को सचेत करते हुए कहा कि वे सतर्क रहें, बच्चों को जलाशयों एवं नालों के किनारे न जाने दें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही है और परिस्थिति के अनुसार त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने जनता से यह भी अनुरोध किया है कि प्राकृतिक आपदाओं जैसी आपात स्थिति में धैर्य बनाए रखें और प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे दिशा-निर्देशों का पालन करें। सभी नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।