3 सालों से ज्यादा समय से जारी रूस और यूक्रेन युद्ध की आग बीते दिनों कुछ में यूरोप तक फैल गई है। नाटो देश दावा कर रहे है कि रूसी ड्रोंस ने उनके हवाई क्षेत्रों की सीमा लांघी है।
हालांकि रूस ने इन आरोपों को खारिज किया है। इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों को चेतावनी दे दी है।
पुतिन ने कहा है कि अगर ये देश इस तरह के उकसाने वाले बयान देते रहे तो रूस को जवाब देने में समय नहीं लगेगा। उन्होंने यूरोप को उन्माद से प्रेरित बताया है।
हालांकि इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के नेतृत्व वाले नाटो गठबंधन पर हमला करने का रूस का कोई इरादा नहीं है।
पुतिन ब्लैक सी के सोची स्थित रिसॉर्ट वल्दाई में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। पुतिन ने कहा, “अगर किसी को अभी भी सैन्य क्षेत्र में हमसे प्रतिस्पर्धा करने की इच्छा है, तो बेझिझक, उन्हें कोशिश करने दें।
रूस का जवाब आने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।” पुतिन ने कहा कि रूस ने कई बार यह दिखा दिया है कि अगर उसे उकसाया गया तो वह तुरंत जवाब देगा। पुतिन ने यह भी कहा है कि रूस सिर्फ यूक्रेन नहीं बल्कि पूरे नाटो के साथ लड़ाई लड़ रहा है। पुतिन ने कहा, “रूस सभी नाटो देश हमारे साथ लड़ रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि नाटो देश यूक्रेन को खुफिया जानकारी, हथियार और प्रशिक्षण मुहैया करा रहे हैं।
पुतिन ने आगे कहा, “यूरोप के अभिजात वर्ग उन्माद फैलाना जारी रखे हुए हैं। ऐसा लगता है कि रूस के साथ युद्ध लगभग कगार पर है। वे यही बकवास, यही मंत्र बार-बार दोहराते रहते हैं।” पुतिन ने इस बात को खारिज किया है कि रूस एक दिन नाटो सैन्य गठबंधन के किसी सदस्य पर हमला करेगा। पुतिन ने कहा, “यह विश्वास करना असंभव है कि रूस नाटो पर हमला करेगा। पुतिन ने कहा, “सच कहूं तो मैं बस इतना कहना चाहता हूं, शांत हो जाओ, चैन से सो जाओ, और अपनी समस्याओं का ध्यान रखो। जरा देखो कि यूरोपीय शहरों की सड़कों पर क्या हो रहा है।”
ट्रंप ने कहा था कागजी शेर
वहीं व्लादिमीर पुतिन ने ट्रंप की कागजी शेर वाली टिप्पणी का भी जवाब दिया। पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जवाब देते हुए कहा कि रूस के पास दुनिया की सबसे सक्षम सेना है।
उन्होंने कहा कि अगर रूस एक कागजी शेर है, तो नाटो भी वही है। उन्होंने पश्चिमी देशों को चुनौती दी कि अगर उसे लगता है कि वह कागजी शेर से निपट सकता है, तो निपट ले।