अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने वाइट हाउस पहुंचे इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की बातचीत जारी है।
इसी बीच खबर है कि नेतन्याहू ने कतर के समकक्ष मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल थानी से दोहा में बमबारी के लिए कथित तौर पर माफी मांगी है।
इजरायल ने हमास के नेताओं को निशाना बनाने के लिए दोहा में हमले किए थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नेतन्याहू ने वाइट हाउस में ही कई मिनटों तक अल थानी से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने दोहा में हुए 9 सितंबर के हमले को लेकर माफी भी मांगी।
हमले में कतर के ही एक सिक्योरिटी गार्ड की मौत हो गई थी। खास बात है कि यह बातचीत ऐसे समय पर हो रही है, जब गाजा में शांति को लेकर दोनों ट्रंप और नेतन्याहू मुलाकात कर रहे हैं।
संभावनाएं जताई जा रही हैं कि युद्ध रोकने के लिहाज से बड़ी घोषणा हो सकती है।
वाइट हाउस में मीटिंग
नेतन्याहू ने रविवार को कहा कि इजराइल व्हाइट हाउस के साथ एक नयी युद्धविराम योजना पर काम कर रहा है लेकिन इसे अंतिम रूप दिया जाना अभी बाकी है।
नेतन्याहू पर गाजा शहर में जारी इजराइली आक्रमण के बीच युद्ध को समाप्त करने का अंतरराष्ट्रीय दबाव बहुत बढ़ गया है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को बताया कि इजराइल-हमास युद्ध में मरने वाले फलस्तीनियों की संख्या 66,000 से अधिक हो गई है।
माना जा रहा है कि सोमवार को व्हाइट हाउस की बैठक में ट्रंप संघर्ष समाप्त करने के लिए एक नया प्रस्ताव साझा कर सकते हैं।
नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज के ‘द संडे ब्रीफिंग’ कार्यक्रम में कहा, ‘‘ हम इस पर काम कर रहे हैं। इसे अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है लेकिन हम वास्तव में इस समय भी राष्ट्रपति ट्रंप की टीम के साथ काम कर रहे हैं और मुझे उम्मीद है कि हम इसे आगे बढ़ा सकते हैं।”
इस योजना के बारे में जानकारी रखने वाले अरब अधिकारियों ने बताया कि 21-सूत्रीय प्रस्ताव में तत्काल युद्धविराम, 48 घंटों के भीतर हमास द्वारा बंधक बनाए गए सभी बंधकों की रिहाई और गाजा से इजराइली सेना की क्रमिक वापसी का प्रावधान है।
कई मुल्क हो गए थे सक्रिय
हमास के नेताओं पर यह हमला ऐसे समय में हुआ था, जब कतर इजराइल और हमास के बीच जारी युद्ध में संघर्ष विराम करवाने के लिए एक प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
हालांकि, कतर ने इस बात पर जोर दिया कि वह इस हमले के बावजूद दोनों के बीच संघर्ष विराम करवाने के लिए प्रयास करता रहेगा। इसके बाद कतर ने एक शिखर सम्मेलन बुलाया था, जिसमें अरब और इस्लामी देश जुटे थे।